Edited By Vijay, Updated: 30 Apr, 2026 05:02 PM

रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक संगीन मामले में आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
रामपुर बुशहर (नाेगल): रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक संगीन मामले में आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता को 1,00,000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश भी पारित किया है।
मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि घटना जनवरी, 2023 की है। रिकांगपिओ आई एक नाबालिग पीड़िता अपने परिवार के साथ थी। जब वह शौच के लिए गई तो आरोपी अर्जुन सिंह उसे जबरन भगा ले गया। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोपी ने पीड़िता को अपने किसी रिश्तेदार के घर में छिपाकर रखा था।
पुलिस जांच के दौरान जब पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो पता चला कि वह 6 महीने की गर्भवती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच की। शिशु के जन्म के बाद उसका डीएनए टैस्ट करवाया गया, जिसकी रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि आरोपी ही उस बच्चे का जैविक (बायोलॉजिकल) पिता है। यह वैज्ञानिक साक्ष्य मामले में सबसे निर्णायक साबित हुआ।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 26 सरकारी गवाहों और बचाव पक्ष के एक गवाह का साक्ष्य दर्ज किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने सभी तथ्यों पर गौर करते हुए आरोपी को 20 वर्ष की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से इस मुकद्दमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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