Edited By Kuldeep, Updated: 19 Apr, 2026 11:19 PM

रक्कड़ के अंतर्गत कलोहा सरड़ बम्मी नामक स्थान में टैक्सी चालक मेहर सिंह पर हत्या का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने 2 आरोपी युवकों को हिरासत में लिया है जिनकी उम्र 19 और 23 वर्ष है।
ज्वालामुखी (नितेश): रक्कड़ के अंतर्गत कलोहा सरड़ बम्मी नामक स्थान में टैक्सी चालक मेहर सिंह पर हत्या का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने 2 आरोपी युवकों को हिरासत में लिया है जिनकी उम्र 19 और 23 वर्ष है। उक्त आरोपियों ने टैक्सी चालक पर पहले चाकू से हमला किया और बाद में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया, फिर उसे मरा हुआ समझकर अधमरी हालत में जंगल में फैंक कर नौ दो ग्यारह हो गए थे। हालांकि टैक्सी चालक के भाई द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद ही पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही केस से सारी परतें उधेड़ते हुए आरोपियों सहित टैक्सी चालक को ढूंढ निकाला, जोकि गम्भीर हालत में पाया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित कौशल (23) पुत्र रमन कुमार निवासी गांव व डाकघर टिहरी तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा (हि.प्र.) व सुरेश कुमार (19)पुत्र महिंद्र सिंह निवासी डाकघर टिहरी तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा (हिप्र) के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि एस.पी. देहरा मयंक चौधरी ने की है। उन्होंने बताया कि थाना खुंडियां के अधीन पड़ती मझीन चौकी में दोनों आरोपी युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार बीते 17 अप्रैल को टैक्सी चालक मेहर सिंह के भाई प्रताप निवासी पड़ेला डाकघर टिहरी ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट मझीन चौकी में दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते शुक्रवार को उनका भाई मेहर सिंह निवासी टिहरी जोकि टैक्सी चलाता है वह सवारी लेकर होशियारपुर गया था, लेकिन अभी तक नहीं लौटा।
मामले की गंभीरता को समझते हुए एस.पी. देहरा मयंक चौधरी के निर्देश पर पुलिस टीम ने सर्च अभियान तेज करते हुए दो युवकों को शक के आधार पर हिरासत में लिया। हिरासत में लेने के बाद युवकों से कड़ी पूछताछ के बाद पता चला कि उन्होंने उक्त बुजुर्ग को मारकर जंगल में फैंक दिया है और उसके बाद वे वापस घर आ गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उक्त टैक्सी चालक बुजुर्ग की सीकरा दा परोह होते हुए कामाख्या मंदिर मार्ग के जंगलों में तलाश शुरू की तो वहां पुलिस ने टैक्सी चालक को अधमरी हालत में पाया। इसी बीच स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत देहरा अस्पताल उपचार के लिए पहुंचाया गया, बाद में उसकी नाजुक हालत को देखते हुए आगामी उपचार के लिए टांडा रैफर किया गया।
कहासुनी के बाद आरोपियों ने दिया घटना को अंजाम
जानकारी के अनुसार आरोपी युवकों ने बीते शुक्रवार को टैक्सी चालक मेहर चंद को होशियारपुर जाने के लिए हायर किया था। दोपहर के करीब निकलने के बाद यात्रा के दौरान कलोहा के निकट किसी बात को लेकर उक्त युवकों का टैक्सी चालक के साथ विवाद हुआ। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा चालक को वैकल्पिक मार्ग (सीकरा दा परोह होते हुए कामाख्या मंदिर मार्ग) से वाहन चलाने के लिए बाध्य किया गया। सुनसान क्षेत्र का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने टैक्सी चालक पर चाकू से हमला किया तथा रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया। आरोपियों ने चालक को मृत समझकर सुनसान स्थान पर जंगल में छोड़ दिया।
टैक्सी चालक को मारने के बाद होशियारपुर में लावारिस छोड़ी टैक्सी
टैक्सी चालक को मारने के बाद आरोपी युवक उसकी कार में सवार होकर उसे होशियारपुर की ओर ले गए और वहां टैक्सी को लावारिस छोड़कर वापस अपने घर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने टैक्सी चालक मेहर चंद को मारने के बाद उसके पैसे लूटे व बाद में उसकी उंगली में डाली हुई सोने की अंगूठी को भी साथ ले गए और बाद में उसे बेच डाला। हालांकि यह सारा अभी पुलिस जांच का विषय है और इन परतों पर पुलिस जल्द ही अपनी प्रतिक्रियाएं सामने रखेगी।
नशे के आदी बताए जा रहे युवक
स्थानीय लोगों की बात करें तो आरोपी युवक नशे के आदी हैं और पहले भी वह मेहर चन्द की टैक्सी हायर कर होशियारपुर की ओर आते-जाते रहे हैं। आरोपी युवकों ने नशे को लेकर इस घटना को अंजाम दिया है, ऐसा पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है। बहरहाल पुलिस की मामले को लेकर छानबीन जारी है।
घटनास्थल पर पहुंची आरएफएसएल की टीम
घटना के बाद धर्मशाला से स्पैशल आरएफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान टीम ने जंगल में जगह-जगह पड़े खून के नमूने के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। एस.पी. देहरा मयंक चौधरी ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
24 घंटे अकेले जंगल में मौत से जूझता रहा टैक्सी चालक, नहीं मानी हार
जाको राखे साइयां मार सके न कोई यह कहावत टैक्सी चालक पर बिल्कुल फिट बैठती है कि बीते 17 अप्रैल से घायल अवस्था में आरोपियों द्वारा जंगल में फैंका गया टैक्सी चालक मेहर सिंह भूखा-प्यासा जंगली जानवरों के बीच इस आस में जिंदा बैठा रहा कि कहीं न कहीं भगवान उसकी मदद के लिए किसी को भेजेगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी घटना को होने से रोका और गम्भीर रूप से घायल हुए मेहर सिंह को ढूंढ कर उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा। बता दें कि यहां थोड़ी सी देर भी मेहर सिंह की जिंदगी छीन सकती थी।