Edited By Swati Sharma, Updated: 01 Mar, 2026 06:51 PM

Iran-Israel War: पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और युद्ध के हालातों ने हिमाचल प्रदेश में रह रहे हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। खाड़ी देशों में रोज़गार के लिए गए करीब 35,000 हिमाचलियों की सुरक्षा को...
Iran-Israel War: पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और युद्ध के हालातों ने हिमाचल प्रदेश में रह रहे हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। खाड़ी देशों में रोज़गार के लिए गए करीब 35,000 हिमाचलियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि राज्य प्रशासन इस मामले पर केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है।
कहां कितने हिमाचली? (एक अनुमान)
विभिन्न प्रवासी संगठनों के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी के अलग-अलग देशों में हिमाचल के लोग बड़ी संख्या में कार्यरत हैं:
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 10,000 से 12,000 (सबसे अधिक)
- सऊदी अरब: 6,000 से 8,000
- कुवैत: 3,000 से 4,000
- कतर: 2,000 से 3,000
- ओमान व बहरीन: लगभग 3,000
ईरानी हमलों से बढ़ी दहशत
ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में किए जा रहे हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद वहां रह रहे प्रवासियों के परिजनों में भारी डर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार अभी अधिकांश देशों में स्थिति नियंत्रण में है और भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन युद्ध का साया गहराने से अनिश्चितता बढ़ गई है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार खाड़ी देशों की पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है।
मुख्यमंत्री ने परिजनों को दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि हम विदेश मंत्रालय के माध्यम से वहां की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। हमारे लोग वहां सुरक्षित रहें और जरूरत पड़ने पर उनकी घर वापसी सुनिश्चित की जा सके, इसके लिए केंद्र से लगातार संवाद जारी है। खाड़ी देशों में फंसे हिमाचली अब फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं।
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