Kangra: इंदौरा में वन माफिया के हौसले बुलंद, जंगल से काट डाले 15 खैर के पेड़

Edited By Kuldeep, Updated: 13 Aug, 2025 10:08 PM

indora jungle khair katan

एक ओर वन विभाग एक पेड़ मां के नाम, रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर सुरक्षा करने और वन महोत्सवों का आयोजन कर पेड़ लगाने की मुहिम छेड़े हुए है तो दूसरी ओर इंदौरा क्षेत्र में वन माफिया का हौसला बुलंद है, यहां वन परिक्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत एक दर्जन...

इंदौरा (अजीज): एक ओर वन विभाग एक पेड़ मां के नाम, रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर सुरक्षा करने और वन महोत्सवों का आयोजन कर पेड़ लगाने की मुहिम छेड़े हुए है तो दूसरी ओर इंदौरा क्षेत्र में वन माफिया का हौसला बुलंद है, यहां वन परिक्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत एक दर्जन ये अधिक खैर के पेड़ों पर आरा चलाया गया है। ताज़ा मामला इंदौरा के साथ लगते सहोड़ा जंगल का है, जहां वन काटुओं ने वन विभाग की भूमि से लगभग 15 खैर के पेड़ों को काट डाला।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की नाक के नीचे हो रहा यह अवैध खैर कटान अब आम बात बन चुका है। आए दिन इसी इलाके से खैर के पेड़ों की कटाई की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही इस कटाई में विभाग की लापरवाही और मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों के अनुसार यदि विभाग गंभीरता से कार्रवाई करे तो इस तरह का कटान बार-बार संभव ही नहीं है। वहीं बीते समय में भी सहोड़ा और आसपास के जंगलों में खैर के दर्जनों पेड़ कटने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही इंदौरा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने कटे हुए ठूंठों की गिनती की और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया। हालांकि आरोप है कि इस दौरान वन विभाग की टीम मौके से नदारद रही।

सूत्रों का कहना है कि जब अधिकारियों को इस बारे सूचना देकर बुलाया गया, तो उन्होंने वन महोत्सव कार्यक्रम में व्यस्त होने का हवाला देकर अपनी मौजूदगी से किनारा कर लिया। इससे लोगों में यह धारणा और पुख्ता हो रही है कि विभाग इन घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह के मामलों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

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