Edited By Kuldeep, Updated: 19 Jan, 2026 06:16 PM

अगर देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आपदा और विपदा जैसे हालातों से बचना है तो लोगों को देव परंपरा और देवनीति का सख्ती से पालन करना होगा और यह तभी संभव होगा जब लोग एकजुट होकर रहेंगे।
बालीचौकी (फरेंद्र): अगर देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आपदा और विपदा जैसे हालातों से बचना है तो लोगों को देव परंपरा और देवनीति का सख्ती से पालन करना होगा और यह तभी संभव होगा जब लोग एकजुट होकर रहेंगे। यह देववाणी अधिष्ठाता देव मार्कंडेय ऋषि ने अपने गूर के माध्यम से की है। इसके अलावा बालीचौकी पर आने वाली विपदा और बार-बार हो रही अजीबोगरीब घटनाओं पर विराम लगाने के लिए देव मार्कंडेय ऋषि ने परिक्रमा कर बचाव का सूत्र बांधा है जिसमें सैंकड़ों लोग शामिल हुए। यह ऐतिहासिक परिक्रमा सोमवार सायं जीरो चौक से शुरू हुई। देव मार्कंडेय ऋषि ने स्वयं अपने देवरथ और गूरों के साथ परिक्रमा को सफल बनाया, जो लगभग 2 घंटे तक चली। इस ऐतिहासिक परिक्रमा में देवलुओं के समक्ष कई तरह की चुनौतियां खड़ी हुई हैं, जिनका सभी ने आस्था और विश्वास से डटकर सामना किया गया। इससे पहले जीरो चौक पर 3 घंटे तक दुर्गा पाठ का आयोजन हुआ। इस पाठ में देव मार्कंडेय ऋषि स्वयं बैठे हुए थे।
बता दें कि देवता ने 2 दिन पहले भी देव विभूषण के गूर भेवा के माध्यम से देववाणी की थी जिसमें देवता ने कहा था कि आगे भी देवभूमि समेत देश-दुनिया में आपदा-विपदा जैसी घटनाएं सामने आएंगी, जिस पर विराम सिर्फ अठारह करडू ही लगा पाएंगे। बशर्ते लोगों को देव नियमों का सख्ती से पालना करना होगा। स्थानीय निवासी दलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि बार-बार हो रही घटनाओं से लोग भी चिंतित हुए हैं, जिसे अब दूर कर दिया है।
वर्ष 2025 में बालीचौकी बाजार को आपदा की त्रासदी झेलनी पड़ी है जिसमें खासकर जीरो चौक को भारी नुक्सान हुआ है। लगभग एक दर्जन से अधिक भवन मलबे के ढेर में तबदील हुए हैं, जबकि 35 से अधिक व्यापारियों का रोजगार खत्म हुआ। पहली बार आपदा की त्रासदी ने जीरो चौक पर कहर बरपाया है जिसने कई लोगों को बेघर कर दिया है। हालांकि आपदा में अपना आशियाना खोने के बाद अब प्रभावित दोबारा अपने सपनों के महल को खड़ा करने में लगे हुए हैं। अब फिर ऐसी आपदा न आए, इसके लिए देव मार्कंडेय ऋषि ने अपना सुरक्षा घेरा बांधा है।
कारदार मार्कंडेय ऋषि भूमे राम ने कहा कि बालीचौकी के जीरो चौक की ऐतिहासिक परिक्रमा देव आदेश पर की गई है जिसका फरमान देवता ने पहले जारी किया था। देवता ने अपने गूरों के माध्यम से परिक्रमा कर विपदा और अनहोनी को दूर कर खतरे को टाल दिया है। यहां बार-बार हो रही घटनाओं से लोग भयभीत हुए थे लेकिन अब देवता ने अपना बचाव का सूत्र बांध दिया है।