Edited By Vijay, Updated: 30 Oct, 2025 09:53 PM

जिला कांगड़ा में अब मात्र 3 ही पैराग्लाइडिंग साइटों पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां हो पाएंगी। नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट को शुरू करने के लिए सेना ने एनओसी देने से मना कर दिया है।
धर्मशाला (ब्यूरो): जिला कांगड़ा में अब मात्र 3 ही पैराग्लाइडिंग साइटों पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां हो पाएंगी। नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट को शुरू करने के लिए सेना ने एनओसी देने से मना कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से नरवाणा साइट को अनुमति प्रदान करने के लिए सेना से बातचीत की जा रही थी तथा अब सेना की ओर से एक पत्र जिला पर्यटन विभाग को मिला है, जिसमें सेना ने रैड जोन होने के चलते नरवाणा में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को शुरू करने के लिए एनओसी देने से मना कर दिया है। इससे पहले जिला कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग के लिए 4 जगह जिला प्रशासन ने चिन्हित की थीं, जिनमें इंद्रुनाग, नरवाणा, बिल पट्टियां व बीड़ बिलिंग है तथा अब नरवाणा साइट पर पैराग्लाइडिंग के लिए सेना की अनुमति न मिलने से जिले में केवल 3 ही पैराग्लाइडिंग साइट रह गई हैं।
विभाग ने एनओसी प्राप्त करने के लिए सेना को लिखा था पत्र
गौरतलब है कि नरवाणा साइट के समीप सेना क्षेत्र होने के चलते इसे 3 वर्षाें के लिए अधिसूचित किया गया था, जिसकी समयावधि समाप्त हो चुकी थी। इसके चलते विभाग ने दोबारा से एनओसी प्राप्त करने के लिए सेना को पत्र लिखा था। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेना का जवाब न आने के चलते विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत तौर पर भी सेना के अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। इसके बाद सेना की ओर से पत्र विभाग को मिला है।
2 बार हो चुका है पैराग्लाइडिंग एक्यूरैसी वर्ल्ड कप का आयोजन
जानकारी के अनुसार नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट पर 2 बार बड़े आयोजन पैराग्लाइडिंग एक्यूरैसी वर्ल्ड कप के हो चुके हैं, जिसमें दुनिया भर से पैराग्लाइडिंग पायलटों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया था तथा अब एनओसी न मिलने पर आगामी बड़े आयोजनों को लेकर भी संशय पैदा हो गया है।
क्या कहते हैं जिला पर्यटन विकास अधिकारी
जिला पर्यटन विकास अधिकारी, कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को शुरू करने के लिए सेना से अनुमति मांगी गई थी। सेना की तरफ से एक पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है, जिसमें रैड जोन होने के चलते पैराग्लाइडिंग गतिविधियां नरवाणा साइट पर शुरू करने को लेकर सेना ने एनओसी देने से मना कर दिया है।