Kangra: वार्षिक आय सीमा 3 लाख से बाहर होने वाले करुणामूलक आश्रितों को भी नौकरी दे सरकार

Edited By Kuldeep, Updated: 12 Feb, 2026 06:29 PM

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हिमाचल प्रदेश करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र अत्री ने वीरवार को धर्मशाला में आयोजित प्रैस वार्ता में कहा कि वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपए से बाहर हो रहे करुणामूलक आश्रितों को भी प्रदेश सरकार नौकरी दे।

धर्मशाला (विवेक): हिमाचल प्रदेश करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र अत्री ने वीरवार को धर्मशाला में आयोजित प्रैस वार्ता में कहा कि वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपए से बाहर हो रहे करुणामूलक आश्रितों को भी प्रदेश सरकार नौकरी दे। कई आश्रित करीब 2 दशक से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी उदासीनता के चलते कई लोग ओवरएज भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में करुणामूलक आश्रितों के 3234 के करीब केस हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपए करने पर 1500 केस नौकरी के लिए पात्र हो रहे हैं और 1500 के करीब केस बाहर हो रहे हैं।

अत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पूर्व सभी करुणामूलक आश्रितों से वायदा किया था कि सरकार बनते ही सभी आश्रितों को बिना किसी शर्त के वन टाइम सैटलमैंट के तहत एकमुश्त नौकरी प्रदान करेंगे परंतु अब सरकार अपने वायदे से मुकर रही है। प्रदेश भर के करुणामूलक आश्रित निवेदन करते हैं कि उनके लिए स्थायी नीति लाई जाए और बिना किसी भेदभाव और शर्त के एकमुश्त नौकरी दी जाए। उन्होंने सरकार से उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नही किया तो आंदोलन करेंगे और विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे।

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