Kangra: 10वीं से 12वीं कक्षा तक अब लागू होगा ये सिस्टम, पाठ्यक्रम का होगा चरणबद्ध विभाजन

Edited By Vijay, Updated: 13 Feb, 2026 11:20 PM

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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के सरकारी और निजी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को अधिक सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

धर्मशाला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के सरकारी और निजी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को अधिक सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एफए 1 (रचनात्मक मूल्यांकन), एफए 2 और प्री-बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करना है। 

शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम के बोझ को कम करने के लिए 10वीं से 12वीं तक के सिलेबस का चरणबद्ध विभाजन किया है। इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभाजित पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को बोर्ड मुख्यालय में विषय विशेषज्ञों और विद्यालय प्रतिनिधियों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक और छात्र-हितैषी बनाने पर चर्चा की गई ताकि प्रदेशभर के सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य में एकरूपता बनी रहे। ​

डाॅ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन सुधारात्मक कदमों का लक्ष्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के विभाजन से विद्यार्थियों पर अध्ययन का बोझ संतुलित रहेगा और वे समयबद्ध रूप से बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उनका कहना है कि बोर्ड का निरंतर प्रयास है कि हिमाचल के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करें, जिसके लिए शिक्षा प्रणाली में गुणवत्तापूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।

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