Edited By Vijay, Updated: 05 Mar, 2026 07:00 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
धर्मशाला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इसको लेकर मार्च में आयोजित की जा रही मैट्रिक और जमा-2 की परीक्षाओं में पूछे गए बहुविकल्पीय प्रश्नों की उत्तर कुंजी परीक्षा संपन्न होने के मात्र 48 घंटे के भीतर बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट पर उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को उत्तरों की शुद्धता जांचने का तत्काल अवसर प्रदान करना है। बोर्ड ने उत्तर कुंजी में सुधार के लिए भी एक पारदर्शी प्रक्रिया तय की है।
जानकारी के अनुसार यदि किसी परीक्षार्थी, शिक्षक या अन्य व्यक्ति को जारी की गई उत्तर कुंजी में कोई त्रुटि नजर आती है तो वे आगामी 5 अप्रैल तक अपनी आपत्ति लिखित रूप में बोर्ड कार्यालय की ई-मेल आईडी पर भेज सकते हैं। प्राप्त आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार संशोधन के बाद ही परिणाम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रतिकूल भौगोलिक परिस्थितियों और व्यावसायिक प्रशिक्षकों की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के कारण फरवरी में अधूरी रहीं प्रायोगिक परीक्षाओं के शैड्यूल को भी पुन: निर्धारित किया गया है। अब कक्षा 10वीं और 12वीं नियमित के व्यावसायिक विषयों का प्रायोगिक मूल्यांकन 2 से 17 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। स्कूल अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार इस मूल्यांकन को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से संपन्न करवा सकेंगे।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान किसी कारणवश प्रैक्टीकल परीक्षाओं में सम्मिलित नहीं हो पाए थे, उन्हें इस पुन: निर्धारित अवधि में एक और अवसर दिया जाएगा।
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