Edited By Kuldeep, Updated: 03 Mar, 2026 06:30 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च 2026 में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन ने सख्त रुख अपना लिया है।
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च 2026 में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस बार बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) के उत्तर देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। परीक्षार्थियों के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे एमसीक्यू का हल केवल उत्तरपुस्तिका के साथ संलग्न ओएमआर (ओएमआर) शीट पर ही करें। बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी छात्र ने इन प्रश्नों के उत्तर मुख्य उत्तरपुस्तिका के किसी अन्य भाग में लिखे, तो उसे उन प्रश्नों के लिए शून्य अंक दिए जाएंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं छात्र की होगी।
पारदर्शी परीक्षा संपन्न करवाने के लिए बोर्ड ने विशेष निगरानी तंत्र भी सक्रिय किया है, जिसके तहत 2 राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) डायरैक्ट साइंस श्रेणी के प्रश्नपत्रों के वितरण की विशेष जांच की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधीक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे प्रश्नपत्र बांटने से पहले विषय, श्रेणी व कोड का सावधानीपूर्वक मिलान सुनिश्चित करें। साथ ही, परीक्षा शुरू होने से पहले कमरे में मौजूद निरीक्षक हर छात्र को ओएमआर शीट भरने की सही विधि समझाएंगे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि परीक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर के विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंकों की हानि से बचने के लिए बोर्ड के दिशा-निर्देशों का गहराई से अध्ययन करें। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने पर छात्रों को संबंधित प्रश्नों के अंक प्रदान नहीं किए जाएंगे, इसलिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना ही विद्यार्थियों के हित में होगा।