Edited By Vijay, Updated: 21 Feb, 2026 06:15 PM

कांगड़ा जिला के अंतर्गत आते प्राइमरी स्कूल चनौर में हाल ही में मिड डे मील कचर्मी की नृशंस हत्या के बाद पसरे सन्नाटे और खौफ को दूर करने के लिए पुलिस जिला देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने एक सराहनीय पहल की है।
देहरा (राजीव): कांगड़ा जिला के अंतर्गत आते प्राइमरी स्कूल चनौर में हाल ही में मिड डे मील कचर्मी की नृशंस हत्या के बाद पसरे सन्नाटे और खौफ को दूर करने के लिए पुलिस जिला देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने एक सराहनीय पहल की है। शनिवार को एसपी स्वयं स्कूल पहुंचे और बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर एसपी की पाठशाला लगाई। उनके इस अपनत्व भरे व्यवहार ने न केवल बच्चों के मन से डर निकाला, बल्कि स्कूल में फिर से रौनक लौटा दी।
भय के माहौल में संजीवनी बनी पुलिस की पहल
घटना के बाद से स्कूल में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रह गई थी। अभिभावक डरे हुए थे और बच्चे सहमे हुए, लेकिन एसपी के आने की खबर और पुलिस के आश्वासन के बाद शनिवार को 87 में से 48 बच्चे स्कूल पहुंचे। एसपी मयंक चौधरी ने बच्चों से दोस्त की तरह बात की, उनकी कहानियां सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर पल मौजूद है।
एसपी बाेले- मैं किसी स्कूल नहीं, बल्कि बच्चों के मंदिर में आया हूं
भावुक होते हुए एसपी मयंक चौधरी ने कहा कि मैं किसी स्कूल नहीं, बल्कि बच्चों के मंदिर में आया हूं। हमारा उद्देश्य यही है कि बच्चे भय के साए से बाहर निकलकर फिर से स्कूल आएं और अपनी पढ़ाई को पूरी लगन से जारी रखें। उन्होंने शिक्षकों के साथ बैठक कर स्कूल को भयमुक्त बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की।
अभिभावकों से की खास अपील
एसपी ने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे घर पर बच्चों के सामने हत्या या अपराध से जुड़ी बातें न करें। इससे बच्चों के कोमल मन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक माहौल देकर ही हम बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।