Edited By Kuldeep, Updated: 03 Mar, 2026 10:33 PM

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े दूसरे स्थान के स्वास्थ्य संस्थान डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कांगड़ा स्थित टांडा के रोबोटिक सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की कमी खलने लगी है।
कांगड़ा (किशोर): हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े दूसरे स्थान के स्वास्थ्य संस्थान डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कांगड़ा स्थित टांडा के रोबोटिक सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की कमी खलने लगी है। अस्पताल में केवल रोबोटिक सर्जरी में 2 ही डॉक्टर के सहारे विभाग चल रहा है। जिसके चलते यहां आगे 4 से 6 माह तक ऑप्रेशन की डेट दी जा रही है। हालांकि इसके लिए 30 हजार का शुल्क रोगियों से लिया जा रहा है। वहीं निजी कमरे के रोगियों से 60 हजार रुपए वसूल किए जा रहे हैं। टांडा मैडीकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य डॉक्टर मिलाप शर्मा का कहना है कि रोबोट सर्जरी जोकि टांडा में सितम्बर माह से आरंभ हुई है तब से आज तक लगभग 90 रोगियों की रोबोटिक सर्जरी के ऑप्रेशन किए जा चुके हैं तथा सभी ऑप्रेशन बहुत अच्छे परिणाम के साथ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की कमी के कारण यहां पर रोगियों को 4 से 6 माह तक की आगे की डेट दी जा रही है।
दो चार दिन में लौटेंगे छुट्टी से डाक्टर
प्रधानाचार्य डॉक्टर मिलाप शर्मा ने बताया कि विभाग में केवल 2 डॉक्टर कुलभूषण शर्मा व डॉक्टर अंगेश ठाकुर उपलब्ध हैं। जिनमें से एक इन दिनों कुलभूषण शर्मा सर्दियों की छुट्टियों में गए हुए हैं तथा शीघ्र ही दो-चार दिन में वह अपने कार्य पर लौट आएंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में एनैस्थीसिया बेहोशी के डॉक्टरों की कमी भी खल रही है जिसके कारण भी उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जैसे ही पद भरेंगे, समाप्त कर दी जाएगी आप्रेशन डेट
प्रधानाचार्य डॉक्टर मिलाप शर्मा ने बताया प्रदेश सरकार से इन पदों को भरने के लिए कहा है जैसे ही यह पद भर दिए जाएंगे तो यह ऑप्रेशन की आगे की दी जाने वाली डेट समाप्त कर दी जाएगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि एक रोगी के ऑप्रेशन के लिए लगभग 5 से 6 घंटे लग जाते हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल व कैबिनेट रैंक एवं स्थानीय विधायक रघुवीर सिंह बाली के प्रयासों से टांडा में यह सुविधा संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि अब तक टांडा में रोबोट सर्जरी, सामान्य ऑप्रेशन, गायनी विभाग से संबंधित तथा यूरोलॉजी विभाग से संबंधित रोगियों के ऑप्रेशन किए जा चुके हैं।