Edited By Jyoti M, Updated: 21 Jan, 2026 09:58 AM

हरियाणा के अंबाला जिले से अपनी अटूट श्रद्धा लेकर आए एक परिवार के लिए तीर्थ यात्रा उस वक्त मातम में बदल गई, जब मंदिर की देहरी चढ़ने से पहले ही परिवार के मुखिया का साथ छूट गया। महामाया माता बाला सुंदरी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे 65 वर्षीय...
हिमाचल डेस्क। हरियाणा के अंबाला जिले से अपनी अटूट श्रद्धा लेकर आए एक परिवार के लिए तीर्थ यात्रा उस वक्त मातम में बदल गई, जब मंदिर की देहरी चढ़ने से पहले ही परिवार के मुखिया का साथ छूट गया। सिरमौर के त्रिलोकपुर में महामाया माता बाला सुंदरी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे 65 वर्षीय रामेश्वर दास की मंदिर की सीढ़ियों पर अचानक तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई।
क्या है पूरा मामला?
अंबाला के शहजादपुर निवासी रामेश्वर दास अपने परिवार के साथ माता के दर्शन की अभिलाषा लेकर त्रिलोकपुर पहुंचे थे। अभी वे श्रद्धा के साथ मंदिर की सीढ़ियां चढ़ ही रहे थे कि अचानक उन्हें चक्कर आ गया और वे वहीं गिर पड़े।
मानवता की मिसाल, मगर समय ने नहीं दिया साथ
बुजुर्ग की बिगड़ती हालत देख पास ही स्थित एक प्रसाद विक्रेता ने तुरंत मदद की पेशकश की। दुकानदार ने अपनी गाड़ी से उन्हें अस्पताल ले जाने का आग्रह किया, ताकि समय रहते इलाज मिल सके। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामेश्वर दास ने अंतिम सांस ले ली।
परिजनों का पक्ष और शोक की लहर
मृतक के पुत्र रिंकू शर्मा ने बताया कि उनके पिता को संभवतः दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था, जो उनकी मृत्यु का कारण बना। पिता की आकस्मिक विदाई से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। कानूनी औपचारिकताओं के बजाय, परिजन पार्थिव देह को लेकर वापस अपने गृह नगर शहजादपुर रवाना हो गए।