Edited By Jyoti M, Updated: 16 Mar, 2026 12:00 PM

हिमाचल प्रदेश में अब वाहनों के शीशों पर काली फिल्म या पर्दे लगाना भारी पड़ सकता है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 के तहत एक विशेष अभियान छेड़ने का...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में अब वाहनों के शीशों पर काली फिल्म या पर्दे लगाना भारी पड़ सकता है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 के तहत एक विशेष अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है।
विजिबिलिटी के नए मानक
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहनों की दृश्यता (Visibility) निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।फ्रंट और रियर विंडशील्ड में कम से कम 70 प्रतिशत दृश्यता अनिवार्य है। साइड विंडो पर कम से कम 50 प्रतिशत दृश्यता होनी चाहिए। इन नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस को मौके पर ही चालान करने और काली फिल्म या पर्दे हटवाने के अधिकार दिए गए हैं।
जुर्माना और सख्त कार्रवाई
पहली बार पकड़े जाने पर पर ₹500 का जुर्माना और दूसरी बार उल्लंघन पर ₹1500 का जुर्माना लगेगा। सिर्फ चालान ही नहीं, पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहनों में लगे काले पर्दों को मौके पर ही नष्ट कर दें, ताकि उनका दोबारा उपयोग न किया जा सके।
पुलिस की अपील
हिमाचल पुलिस ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का निष्ठा से पालन करें। वाहनों में अवैध तरीके से काली फिल्म या पर्दे लगाने से न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। अनावश्यक कानूनी कार्रवाई और आर्थिक दंड से बचने के लिए वाहन मालिक तुरंत अपने वाहनों से अवैध फिल्म हटा लें।