हिमाचल के 5 जिलों में खुलेंगे 6 नए केंद्रीय विद्यालय, कांगड़ा में PMGSY के तहत बिछा 3558 KM सड़कों का जाल

Edited By Vijay, Updated: 13 Mar, 2026 03:50 PM

6 new kv to open in 5 districts of himachal

लोकसभा के बजट सत्र-II के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों शिक्षा और ग्रामीण सड़क विकास पर केंद्र सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। भाजपा नेता एवं कांगड़ा-चम्बा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में....

शिमला: लोकसभा के बजट सत्र-II के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों शिक्षा और ग्रामीण सड़क विकास पर केंद्र सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। भाजपा नेता एवं कांगड़ा-चम्बा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्रियों ने जानकारी दी है कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए 6 नए केंद्रीय विद्यालय  खोले जाएंगे। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत प्रदेश और विशेषकर कांगड़ा व नूरपुर में हुए ऐतिहासिक कार्यों का ब्यौरा भी सदन के पटल पर रखा गया।

हिमाचल में इन स्थानों पर खुलेंगे 6 नए केंद्रीय विद्यालय
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने बीते 9 मार्च को लोकसभा में शिक्षा मंत्री से हिमाचल में संचालित और नए प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि पूरे देश में वर्ष 2025 में 56 नए केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 नए विद्यालय हिमाचल प्रदेश में खोले जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 6 विद्यालय जिला कांगड़ा और 4 विद्यालय जिला चम्बा में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित 6 नए केंद्रीय विद्यालय रेरी (जिला कांगड़ा), गोकुल नगर, अप्पर भंजाल (जिला ऊना),  नंदपुर (जिला ऊना), थुनाग (जिला मंडी), जिला सिरमौर और जिला शिमला में खोले जाएंगे। 

सैनिक और अर्धसैनिक परिवारों के लिए केंद्रीय विद्यालय वरदान: डॉ. भारद्वाज
इस सौगात पर सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय देश भर में अपनी उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक समान पाठ्यक्रम के लिए जाने जाते हैं। यह विशेष रूप से रक्षा, अर्धसैनिक बलों और केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय (ट्रांसफरेबल) कर्मचारियों के बच्चों के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि कहा जाता है, जहां के अधिकतर परिवार सेना और अर्धसैनिक बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालयों का खुलना इन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और वरदान साबित होगा।

कांगड़ा में 3558 और नूरपुर में 272 किलोमीटर सड़कें निर्मित
सड़क कनैक्टिविटी को लेकर सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 10 मार्च को ग्रामीण विकास मंत्री से पीएमजीएसवाई के तहत जिला कांगड़ा और नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति पर सवाल किया था। इसके जवाब में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के शुरू होने से लेकर अब तक 4 चरणों में हिमाचल प्रदेश में कुल 26505 किलोमीटर लंबी सड़कें और 147 पुल स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, अकेले जिला कांगड़ा में अब तक 3558 किलोमीटर सड़कों और 17 पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त नूरपुर ब्लॉक में 272 किलोमीटर सड़कों और 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

गांवों को मिल रही बेहतर कनैक्टिविटी
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्र सरकार के जवाब पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य दूरदराज के गांवों को हर मौसम के अनुकूल सड़कों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इन परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश में न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि आधारभूत ढांचे को भी मजबूती मिल रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन सुगम हुआ है।

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