हिमाचल के IAS अफसरों की संपत्ति का खुलासा, चेन्नई-नोएडा समेत कई शहरों में करोड़ों की प्रॉपर्टी; जानें किसकी कितनी संपत्ति

Edited By Swati Sharma, Updated: 17 Mar, 2026 12:17 PM

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HP IAS Officers: हिमाचल प्रदेश काडर के आईएएस (IAS) अधिकारियों ने पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 के लिए अपनी अचल संपत्ति विवरण (IPR) सरकार को सौंप दिया है। 1 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, दाखिल इन दस्तावेजों में अधिकारियों ने...

HP IAS Officers: हिमाचल प्रदेश काडर के आईएएस (IAS) अधिकारियों ने पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 के लिए अपनी अचल संपत्ति विवरण (IPR) सरकार को सौंप दिया है। 1 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, दाखिल इन दस्तावेजों में अधिकारियों ने प्रदेश के भीतर और बाहर स्थित अपनी जमीन, आलीशान फ्लैट्स, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों का पूरा ब्योरा दिया है। केंद्र सरकार के नियमों के तहत प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह वार्षिक विवरण देना अनिवार्य है।

मुख्य सचिव की संपत्ति का विवरण

प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की संपत्तियां हिमाचल के परवाणू से लेकर हरियाणा और पंजाब तक फैली हैं। उनके विवरण के अनुसार, " पंचकूला में सेक्टर-5 MDC में एक फ्लैट और सेक्टर-4 में करीब 4 करोड़ रुपये का निर्माणाधीन मकान। स्वास्तिक विहार में व्यावसायिक संपत्ति। वहीं, न्यू चंडीगढ़ में एक फ्लैट और मोहाली के विभिन्न गांवों में कृषि भूमि में पत्नी के साथ हिस्सेदारी है।

चेन्नई में एम सुधा देवी और आरडी नजीम की करोड़ों की प्रॉपर्टी

आरडी नजीम: आईएएस अधिकारी आरडी नजीम की संपत्तियां दक्षिण भारत में स्थित हैं। चेन्नई के चेंगल नगर और मायलापुर में उनके पास आलीशान मकान और फ्लैट हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत 4.5 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों से उन्हें सालाना 13.8 लाख रुपये का किराया मिल रहा है।

एम सुधा देवी: 2003 बैच की अधिकारी एम सुधा देवी ने चेन्नई के पॉश इलाके एमआरसी नगर (सीब्रोस वन टावर) में एक फ्लैट का खुलासा किया है। वर्ष 2020 में खरीदे गए इस फ्लैट की कीमत 5.65 करोड़ रुपये है, जिसमें उनकी 30% हिस्सेदारी है।

देवेश कुमार और अभिषेक जैन: शिमला से जालंधर तक संपत्तियां

देवेश कुमार (प्रधान सचिव, वित्त): इन्होंने शिमला के सरघीण में 2021 और 2024 के बीच 3.25 करोड़ रुपये की जमीन और मकान खरीदा है। साथ ही जीरकपुर में 1.60 करोड़ की औद्योगिक इकाई का भी जिक्र किया है।

अभिषेक जैन (सचिव, योजना): जालंधर के गोराया में 80 लाख का पैतृक मकान और मुल्लांपुर में 67.68 लाख रुपये का प्लॉट पत्नी के साथ संयुक्त नाम पर दर्ज है।

अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का विवरण

अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत: नोएडा में 52 लाख का फ्लैट (जहां से किराया आ रहा है), देहरादून में 500 वर्ग मीटर का प्लॉट और नैनीताल जिले में पैतृक जमीन में हिस्सेदारी।
आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा: राजस्थान के सवाई माधोपुर में 5 हेक्टेयर कृषि भूमि और अमरूद के बाग हैं, जिससे उन्हें सालाना 5 लाख रुपये की आय होती है।


पारदर्शिता के लिए अनिवार्य है ब्योरा

यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के उन नियमों का हिस्सा है जिसके तहत सभी आईएएस अधिकारियों को प्रतिवर्ष अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी होती है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में शुचिता बनाए रखना और अधिकारियों की आय-व्यय पर नज़र रखना है।अधिकांश अधिकारियों ने इन संपत्तियों के स्रोत के रूप में व्यक्तिगत बचत, बैंक ऋण, हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) और पारिवारिक विरासत को बताया है।

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