Edited By Vijay, Updated: 10 Mar, 2026 05:22 PM

हिमाचल प्रदेश में नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के एक अधिकारी द्वारा पैट्रोल पंप मालिक से 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के एक अधिकारी द्वारा पैट्रोल पंप मालिक से 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में एनएचएआई के प्रोजैक्ट डायरैक्टर और चंडीगढ़ की एक महिला आर्किटैक्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है।
एनओसी के नाम पर मांगी बड़ी रकम
यह मामला कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र का है। स्थानीय पैट्रोल पंप संचालक ईशान धींगरा ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया कि उन्हें अपने पंप को नैशनल हाईवे से जोड़ने के लिए एनओसी की जरूरत थी। आरोप है कि एनएचएआई के प्रोजैक्ट डायरैक्टर ने निरीक्षण के दौरान शर्त रखी कि बिना बड़ी रकम दिए काम नहीं होगा, साथ ही पैसे न देने पर हाईवे अनुमति रद्द करने की धमकी भी दी गई।
महिला आर्किटैक्ट ने निभाई बिचौलिए की भूमिका
शिकायत के अनुसार अधिकारी के इशारे पर पीड़ित को चंडीगढ़ की महिला आर्किटैक्ट से संपर्क करने को कहा गया। पालमपुर कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान महिला आर्किटैक्ट ने साफ कहा कि अधिकारी से उसकी बात हो चुकी है और एनओसी के लिए 10 लाख रुपए देने होंगे। यह भी तय हुआ कि रिश्वत एकमुश्त देने के बजाय किस्तों में दी जाएगी, जिसकी पहली किस्त 5 लाख रुपए तय की गई।
दबाव बनाने के लिए पंप के सामने खुदवा दी जमीन
पंप मालिक पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाने के लिए अधिकारी ने पैट्रोल पंप के ठीक सामने करीब 28 मीटर तक जमीन की खुदाई करवा दी। इससे पंप पर ईंधन की सप्लाई और ग्राहकों का आना-जाना पूरी तरह बाधित होने की स्थिति पैदा हो गई। इससे परेशान होकर पीड़ित ने सीबीआई का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अब जांच एजैंसी इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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