Edited By Kuldeep, Updated: 15 Mar, 2026 05:55 PM

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, नवीकरणीय स्रोतों का विस्तार करने और स्थानीय समुदायों तक इसके लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अनेक पहल की हैं।
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, नवीकरणीय स्रोतों का विस्तार करने और स्थानीय समुदायों तक इसके लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अनेक पहल की हैं। इन प्रयासों के परिणाम सामने आए हैं और राज्य की प्रमुख नवीकरणीय परियोजनाओं से लगभग 2,534 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। इससे प्रदेश को 1,004 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अगले 2 वर्षों में 500 मैगावाट सौर ऊर्जा क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में जिला ऊना और बिलासपुर में स्थापित पेखुबेला, भंजाल, अघलौर और बैरा डोल सौर परियोजनाएं उल्लेखनीय हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 52 मैगावाट है। इन परियोजनाओं से अब तक लगभग 114.27 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन और 34.83 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पहल राज्य के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जनजातीय क्षेत्रों में ऊर्जा उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में ऊर्जा उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। लाहौल-स्पीति जिला के काजा क्षेत्र के ऊंचाई वाले गांवों में 148 घरों में सौर ऑफ ग्रिड प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को विद्युत उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार पांगी घाटी के हिलोर और धरवास गांवों में 400 किलोवाट क्षमता के बैटरी ऊर्जा भंडारण तंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।