Edited By Vijay, Updated: 13 Mar, 2026 07:37 PM

हिमाचल में आई आपदा और उससे हुए नुक्सान का मामला राज्यसभा में गूंजा। राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने यह मामला सदन में उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया।
शिमला (राक्टा): हिमाचल में आई आपदा और उससे हुए नुक्सान का मामला राज्यसभा में गूंजा। राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने यह मामला सदन में उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया। पाटिल ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में आपदा से हिमाचल को भारी नुक्सान हुआ है। कुल्लू-मनाली में सड़कें और रास्ते पूरी तरह बह गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और 1500 करोड़ रुपए देने की बात कही लेकिन उसमें से 15 रुपए भी नहीं आए हैं।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया शेयर की पोस्ट
वहीं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी और राज्यसभा सदस्या के रूप में रजनी पाटिल प्रदेश में आई भीषण आपदा और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के मुद्दे पर निरंतर हिमाचल की आवाज बनी हुई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि रजनी पाटिल ने यह सवाल उठाया है कि पर्वतीय व राजस्व घाटा राज्य को दी जा रही सहायता को अचानक समाप्त करना संघीय ढांचे और छोटे राज्यों के अधिकारों के साथ अन्याय है। उनका स्पष्ट संदेश है कि कांग्रेस संगठन दिल्ली से शिमला तक पूरी मजबूती से हिमाचल की जनता के साथ खड़ा है।
राहत प्रदान करने के लिए केंद्र ठोस कदम उठाए : मुकेश अग्निहोत्री
वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश के हितों की आवाज मजबूती से उठाने के लिए राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का हार्दिक आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में लिखा है कि हिमाचल प्रदेश हर वर्ष आपदाओं और बाढ़ की मार झेल रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश को केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री की घोषणाओं के बाद भी हिमाचल को उसका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए हिमाचल को आवश्यक राहत एवं सहायता प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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