Edited By Swati Sharma, Updated: 21 Mar, 2026 10:54 AM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर कोई तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर कोई तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की पीठ ने अधिकारियों को चयन प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है।
2 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने हालांकि स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना पूर्व अनुमति के इस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को तय की गई है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को 25 मार्च तक अतिरिक्त तथ्य रखने और प्रतिवादियों को 31 मार्च तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। संयुक्त शिक्षक संघ और संयुक्त कार्य समिति के अध्यक्ष देवेंद्र चौहान ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि एक बार नियमित रूप से नियुक्त होकर सरकारी सेवा में आने के बाद, किसी भी शिक्षक को सेवा जारी रखने के लिए दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
शिक्षकों का मानना है कि यह कदम नियुक्ति के बाद सेवा शर्तों में बदलाव करने जैसा है, जो न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिट याचिका के लंबित रहने से अधिकारियों को शिक्षकों की शिकायतों पर उचित निर्णय लेने से नहीं रोका जाना चाहिए।