हिमाचल: अब 'मुफ्त' नहीं होगा स्कूल का सफर! छात्रों को 'हिम बस पास' के लिए अप्रैल से देने होंगे 236 रुपए, अभिभावकों में रोष

Edited By Swati Sharma, Updated: 15 Mar, 2026 01:46 PM

school students in himachal will have to pay for free bus services in april

हिमाचल डेस्क: हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को मिलने वाली निशुल्क बस सेवा में 1 अप्रैल से बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को पहले ‘हिम बस पास’ बनवाना अनिवार्य होगा। पास बनने के बाद ही...

हिमाचल डेस्क: हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को मिलने वाली निशुल्क बस सेवा में 1 अप्रैल से बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को पहले ‘हिम बस पास’ बनवाना अनिवार्य होगा। पास बनने के बाद ही उन्हें बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

क्या है नई व्यवस्था और कितना होगा खर्च?

1 अप्रैल से लागू होने वाली नई व्यवस्था के तहत, एचआरटीसी की बसों में मुफ्त सफर करने के लिए विद्यार्थियों को अब 236 रुपये खर्च कर हिम बस पास बनवाना अनिवार्य होगा। अब तक सरकारी स्कूल के छात्र अपने पहचान पत्र के माध्यम से मुफ्त यात्रा करते थे, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। प्रत्येक विद्यार्थी को हिम बस पास के लिए ₹236 का अनिवार्य भुगतान करना होगा,  तभी उन्हें मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन करने पर ₹40 की अतिरिक्त फीस देनी होगी। पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों के बस पास निशुल्क बन जाते थे। स्कूल प्रबंधन आईडी कार्ड क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय भेजता था, जहां काउंटर साइन के बाद पास निशुल्क बन जाते थे। अब अभिभावकों को स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और भुगतान करना होगा। बता दें कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब 8.50 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आता है, जो पूरी तरह एचआरटीसी बसों पर निर्भर है।

अभिभावकों में बढ़ता रोष

इस फैसले के बाद प्रदेश भर के अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का तर्क है कि  जो परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह राशि भी बड़ी चुनौती है। वहीं, वर्दी योजना में बदलाव के बाद अब परिवहन शुल्क ने सरकार की 'निशुल्क शिक्षा' की नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निगम का तर्क है कि व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है, जिससे डेटा प्रबंधन में आसानी होगी। नई व्यवस्था में अभिभावकों को 31 मार्च तक आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद बिना पास वाले विद्यार्थियों को निशुल्क सुविधा नहीं मिलेगी।

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