Himachal Entry Tax: सुक्खू सरकार ने जारी की नई टोल दरें, जानें रेट लिस्ट

Edited By Jyoti M, Updated: 03 Apr, 2026 09:02 AM

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की सीमाओं पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल नीति की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि कई श्रेणियों में राहत दी...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की सीमाओं पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल नीति की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि कई श्रेणियों में राहत दी गई है।

हिमाचल के वाहनों को बड़ी राहत

नई अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के नंबर वाले सभी हल्के निजी वाहनों (Cars) और टैक्सियों को एंट्री टैक्स से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के हल्के कमर्शियल वाहनों जैसे पिकअप, छोटा हाथी और थ्री-व्हीलर को भी टोल नहीं देना होगा।

बाहरी राज्यों के यात्री वाहनों के लिए दरें

दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए टैक्स में कटौती की गई है। 

प्राइवेट कार (12+1 सीट तक): पहले यह शुल्क 130 रुपये था, जिसे अब घटाकर 100 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। नियमित आने-जाने वालों के लिए 3,000 रुपये (तिमाही) और 9,000 रुपये (वार्षिक) के पास उपलब्ध होंगे।

कमर्शियल और भारी वाहनों का शुल्क

भारी वाहनों के लिए दरों को पिछले वर्ष के स्तर पर ही स्थिर रखा गया है। 

हल्के कमर्शियल वाहन और 6 टायर वाले ट्रक: इनके लिए 320 रुपये प्रतिदिन का शुल्क तय है।

तिमाही पास: 11,200 रुपये

वार्षिक पास: 44,800 रुपये

भारी ट्रक (3 एक्सल या अधिक/10-14 टायर): इनके लिए 570 रुपये प्रतिदिन का शुल्क लगेगा।

तिमाही पास: 19,950 रुपये

वार्षिक पास: 79,800 रुपये

सीमावर्ती निवासियों के लिए विशेष छूट

सरकार ने बॉर्डर पर रहने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखा है। टोल बैरियर के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग (चाहे वे पंजाब के हों या हरियाणा के) रियायती पास बनवा सकते हैं। यह पास सामान्य दरों से काफी कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री का पक्ष: "प्रदर्शन का कोई आधार नहीं"

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंजाब सीमा पर हो रहे प्रदर्शनों पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि "हमने किसी भी श्रेणी में टोल की दरें नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि बाहरी राज्यों की कारों के लिए रेट कम किए हैं। जब दरें पुरानी ही हैं, तो प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं है। युवाओं को गुमराह होकर विरोध नहीं करना चाहिए।"

राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे ठेकेदारों को इन संशोधित दरों को तुरंत लागू करने के आदेश दें।

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