Edited By Jyoti M, Updated: 24 Mar, 2026 12:41 PM

हिमाचल और पंजाब के बीच बढ़ता 'एंट्री टैक्स' का विवाद अब सुलह की मेज पर आता दिख रहा है। जब पड़ोसी राज्यों के बीच कर (Tax) की दीवारें ऊंची होने लगीं, तो हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद मोर्चा संभाला।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल और पंजाब के बीच बढ़ता 'एंट्री टैक्स' का विवाद अब सुलह की मेज पर आता दिख रहा है। जब पड़ोसी राज्यों के बीच कर (Tax) की दीवारें ऊंची होने लगीं, तो हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फोन घुमाया ताकि सड़कों पर पैदा हुई इस तल्खी को बातचीत से खत्म किया जा सके।
क्या है पूरा मामला?
हिमाचल सरकार ने हाल ही में राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों के शुल्क में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाना है। इस फैसले में सबसे ज्यादा विरोध छोटे वाहनों पर लगने वाले टैक्स को लेकर है, जिसे 70 रुपये से बढ़ाकर सीधा 130 रुपये कर दिया गया है।
विवाद की मुख्य वजहें:
पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा हुई। जवाबी कार्रवाई के तौर पर पंजाब ने भी हिमाचल के वाहनों पर टैक्स थोपने की बात कह दी थी, जिससे दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया।
हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का मानना है कि राज्य की कमाई बढ़ाने के लिए कर लगाना सरकार का हक है, लेकिन वे यह भी मानते हैं कि पड़ोसी राज्य से रिश्ते बिगड़ने नहीं चाहिए।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में इस पर गहन मंथन हुआ है। मुख्यमंत्री ने अब आबकारी (Excise) विभाग से इस टैक्स नीति पर दोबारा रिपोर्ट मांगी है।
सुलह की उम्मीद: बीच का रास्ता
हिमाचल सरकार अब बैकफुट पर न जाकर 'मिडल ग्राउंड' तलाश रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब के कड़े रुख को देखते हुए हिमाचल सरकार एंट्री फीस की बढ़ी हुई दरों में कुछ कटौती कर सकती है। खासकर छोटे वाहनों के मालिकों को राहत देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताकि आम जनता और पर्यटकों की जेब पर बोझ न पड़े।