Edited By Jyoti M, Updated: 21 Mar, 2026 01:09 PM

हिमाचल प्रदेश के वित्तीय भविष्य के लिए आज की सुबह एक नई करवट लेकर आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए केवल सरकारी खजाने का हिसाब नहीं दिया, बल्कि 'मिशन 2032' की उस नींव को भी मजबूती दी,...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के वित्तीय भविष्य के लिए आज की सुबह एक नई करवट लेकर आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए केवल सरकारी खजाने का हिसाब नहीं दिया, बल्कि 'मिशन 2032' की उस नींव को भी मजबूती दी, जिसका लक्ष्य देवभूमि को देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनाना है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन क्षेत्र के कायाकल्प के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले महीने से दिल्ली-शिमला-धर्मशाला के बीच नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जिससे पर्यटकों के लिए आवाजाही सुगम होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ा जाएगा। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के साथ ही उसके समीप एक आधुनिक 'एरोसिटी' विकसित की जाएगी, जो व्यापार और पर्यटन का नया केंद्र बनेगी।
डिजिटलीकरण और बुनियादी ढांचा
पर्यटन सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए पीपीपी (Public Private Partnership) मोड पर आधारित एक नया 'पर्यटन पंजीकरण सिस्टम' लागू किया जाएगा। साथ ही, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 345 लाख रुपये की लागत से विकासात्मक कार्य कराए जाएंगे। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए माउंटेन बाइकिंग रूट भी चयनित किए जाएंगे।
कौशल विकास और रोजगार
पर्यटन उद्योग में गुणवत्ता सुधारने के लिए एक विशेष कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान स्थानीय युवाओं को पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे उन्हें होटल मैनेजमेंट और गाइड जैसे क्षेत्रों में बेहतर रोजगार मिल सकेगा।
इन पहलों से न केवल राज्य की आर्थिकी को बल मिलेगा, बल्कि हिमाचल वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक आधुनिक गंतव्य के रूप में उभरेगा।