सुक्खू कैबिनेट का फैसला: पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे नशे के सौदागर

Edited By Jyoti M, Updated: 23 Mar, 2026 04:39 PM

himachal drug traffickers will not be able to contest panchayat elections

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सूबे की सियासत और सेहत को सुधारने के लिए एक बेहद कड़ा और अनोखा कदम उठाया है। अब पंचायतों की सत्ता की चाबी उन लोगों के हाथ में नहीं होगी, जिनका नाम 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) जैसे घातक नशे के कारोबार से...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सूबे की सियासत और सेहत को सुधारने के लिए एक बेहद कड़ा और अनोखा कदम उठाया है। अब पंचायतों की सत्ता की चाबी उन लोगों के हाथ में नहीं होगी, जिनका नाम 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) जैसे घातक नशे के कारोबार से जुड़ा है। शिमला में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि की जड़ों को खोखला करने वालों के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई जगह नहीं होगी।

हिमाचल सरकार ने पंचायत राज कानून में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ चिट्टे से संबंधित एफआईआर (FIR) दर्ज है या अदालत में चार्जशीट पेश हो चुकी है, तो वह पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा। आमतौर पर सजा होने के बाद ही चुनाव लड़ने पर रोक लगती है, लेकिन इस मामले में केवल आरोप या चार्जशीट होने पर ही दावेदारी खत्म हो जाएगी।

सरकार जल्द ही विधानसभा में इससे जुड़ा बिल लाएगी, ताकि आगामी चुनावों में इसे सख्ती से लागू किया जा सके। हालांकि, अन्य नशीले पदार्थों के आरोपियों को फिलहाल इस दायरे से बाहर रखा गया है।

लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई 'ग्रामसभा' को और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने कोरम (न्यूनतम उपस्थिति) की सीमा को संशोधित किया है। अब बैठकों के लिए पुराने एक-चौथाई नियम के बजाय 1:10 का अनुपात तय किया गया है। साथ ही, 18 वर्ष से ऊपर के सभी पंजीकृत मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

कैबिनेट ने प्रदेश की ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम मंजूरियां दी हैं। प्रदेश के 151 सरकारी स्कूल जो सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध हैं, उनके लिए अब एक अलग प्रशासनिक कैडर तैयार किया जाएगा।

टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए हाई-टेक 'पेट स्कैन' मशीन खरीदी जाएगी। साथ ही शिमला (IGMC), मंडी और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेजों में नए बायोफिजिक्स विभाग स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेजों के भीतर 'इंटर कॉलेज' की व्यवस्था को भी हरी झंडी मिल गई है।

प्रदेश में अब घरेलू गैस सिलेंडर के बोझ को कम करने की तैयारी है। सरकार 'सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम' को विस्तार देगी। ऊना के बाद अब बद्दी और नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने का काम तेज किया जाएगा, ताकि भविष्य में हर घर को पाइप से ईंधन मिल सके।

रोजगार और पदोन्नति

कर्मचारियों के हित में फैसला लेते हुए कैबिनेट ने 6 'विद्या उपासकों' को जेबीटी (JBT) शिक्षक के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा नाहन मेडिकल कॉलेज से जुड़ी सब-कमेटी के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!