सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: अब निजी जमीन पर बांस काटने पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

Edited By Jyoti M, Updated: 19 Mar, 2026 03:33 PM

himachal no fee for cutting bamboo on private land

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि अब राज्य के किसानों को अपनी निजी भूमि पर बांस काटने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। भारत सरकार द्वारा 'भारतीय वन अधिनियम 1927' में किए गए संशोधन के बाद, बांस को अब 'पेड़' की श्रेणी से...

हिमाचल डेस्क। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि अब राज्य के किसानों को अपनी निजी भूमि पर बांस काटने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। भारत सरकार द्वारा 'भारतीय वन अधिनियम 1927' में किए गए संशोधन के बाद, बांस को अब 'पेड़' की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।

निजी जमीन पर बांस काटने पर कोई शुल्क नहीं है। हालांकि, यदि बांस को राज्य से बाहर ले जाया जाता है, तो उस पर परमिट फीस लागू होगी। कटान के समय पटवारी और वन रक्षक केवल यह सुनिश्चित करने के लिए आते हैं कि बांस निजी भूमि से ही काटा जा रहा है, सरकारी जंगल से नहीं। विधायक बिक्रम ठाकुर ने मुद्दा उठाया कि नियमों में बदलाव के बावजूद अभी भी किसानों से 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से फीस ली जा रही है।

किसानों के साथ धोखाधड़ी: सरकार की कड़ी कार्रवाई

लाहुल-स्पीति की विधायक कुमारी अनुराधा राणा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2025 में विभिन्न कंपनियों और व्यापारियों द्वारा किसानों से धोखाधड़ी के 12 मामले सामने आए हैं।

इनमें से 1 मामला कोर्ट में है, 2 में क्लोजर रिपोर्ट तैयार हुई है और 7 मामलों की अभी जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। धोखाधड़ी साबित होने पर न केवल सजा का प्रावधान है, बल्कि संबंधित व्यापारियों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

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