Edited By Jyoti M, Updated: 18 Mar, 2026 12:49 PM

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज गहमागहमी के साथ हुई। सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सेवा विस्तार (Extension) पाने वाले उन अधिकारियों का मुद्दा उठाया, जिनकी छवि संदिग्ध रही है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज गहमागहमी के साथ हुई। सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सेवा विस्तार (Extension) पाने वाले उन अधिकारियों का मुद्दा उठाया, जिनकी छवि संदिग्ध रही है।
ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने सदन में भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊना में रिश्वत कांड में संलिप्त एक अधिकारी को सरकार ने सेवा विस्तार दिया है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सदन में स्पष्ट घोषणा की कि जिन भी अधिकारियों का नाम 'संदिग्ध सत्यनिष्ठा' (ODI - Officer of Doubtful Integrity) की सूची में दर्ज है और वे वर्तमान में सेवा विस्तार पर हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाएगा।
हंगामे और राजनीतिक बहस से इतर सदन में सौहार्दपूर्ण माहौल भी देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष और अन्य विपक्षी विधायकों के पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और उनका अभिवादन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान और कर्नल धनीराम शांडिल भी उनके साथ मौजूद रहे।