प्रदेश में हो रहे अतिक्रमण को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार को दिया यह आदेश

Edited By prashant sharma, Updated: 29 Jul, 2021 11:23 AM

high court gave this order to government regarding encroachment in state

हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश में हो रहे अतिक्रमण को लेकर सरकार से अतिक्रमण से जुड़े मामलों के आंकड़े मुहैया कराने के आदेश प्रदान किए हैं, जिनमें सरकार के खिलाफ किसी भी क्षमता दर्ज किए गए हो। हाईकोर्ट ने यह आदेश चंबा जिला में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और...

शिमला : हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश में हो रहे अतिक्रमण को लेकर सरकार से अतिक्रमण से जुड़े मामलों के आंकड़े मुहैया कराने के आदेश प्रदान किए हैं, जिनमें सरकार के खिलाफ किसी भी क्षमता दर्ज किए गए हो। हाईकोर्ट ने यह आदेश चंबा जिला में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और सरकार द्वारा बेदखली के आदेशों का पालन ना करने से जुड़े मामले में दिया है। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा है कि ऐसे मामलों में अंतरिम आदेश किस तारीख से चल रहे हैं और सरकार ने उन्हें खाली कराने के लिए क्या प्रयास किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश प्रार्थी टेक चंद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के पश्चात पारित किए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ समय पहले ग्राम पंचायत पंजोई जिला चंबा में सरकारी भूमि पर चंद लोगों ने अतिक्रमण करना शुरू किया था जो अब बढ़कर 50 से अधिक हो गए हैं और उन्होंने उसी पर घर-दुकानें बना ली है और बिना कोई आवश्यक दस्तावेज जमा किए इन दुकानों के लिए बिजली कनेक्शन भी ले लिया है। 

इन लोगों ने दुकानें बनाकर स्कूल की जमीन पर भी अतिक्रमण किया है और स्कूल के अंदर और आसपास अवैध गतिविधियां चल रही हैं। यह न तो जनता के हित में है और ना ही वहां पढ़ने वाले छात्रों के हित में है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कई लोगों के खिलाफ कई शिकायतें की और उनके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई भी शुरू की गई लेकिन वह अभी भी अतिक्रमित भूमि से लाभ का आनंद ले रहे हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसने इस संबंध में रिट याचिका और अवमानना याचिका भी दायर की है और उसी में आदेश पारित करने के बाद सरकार ने बेदखली की कार्रवाई समाप्त कर दी है और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली आदेश जारी किया जो कागजों तक ही सीमित है। अभी तक अतिक्रमणकारियों को सरकारी जमीन से बेदखल नहीं किया गया है मामले पर सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!