Edited By Vijay, Updated: 18 Feb, 2026 03:44 PM

जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए एक आदतन अपराधी को प्रिवैंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तार कर तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है।
शिमला (संतोष): जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए एक आदतन अपराधी को प्रिवैंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तार कर तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत 8 अलग-अलग मामले दर्ज हैं और वह बार-बार चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया गया था। पुलिस ने इस बार पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए उसे निवारक नजरबंदी में लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजीत राम पुत्र मिश्री लाल निवासी डाऊनडेल, फागली रोड, महाशिव कालोनी, डाकघर एजी शिमला, पुलिस थाना सदर, तहसील व जिला शिमला के रूप में हुई है। यह कार्रवाई जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा समाज को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन माह के लिए जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2016 से 2024 तक नशे के काराेबार में संलिप्त रहा आराेपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी अजीत राम वर्ष 2016 से लगातार नशा तस्करी में सक्रिय रहा है। सदर पुलिस थाना शिमला में उसके खिलाफ पहला मामला 13 जनवरी, 2016 को दर्ज हुआ था, जब उसे करीब 4.220 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 14 अक्तूबर, 2017 में उसे 18 ग्राम चरस और 3 ग्राम स्मैक के साथ दोबारा गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2019 में आरोपी दो बार नशे के साथ पकड़ा गया। 29 मई, 2019 को उसके पास से लगभग 1.70 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जबकि 21 अगस्त, 2019 को उसे करीब 0.69 ग्राम चिट्टे के साथ फिर धर दबोचा गया।
बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद आरोपी ने नशा तस्करी की गतिविधियां बंद नहीं कीं। इसके बाद 15 मई, 2020 को आरोपी को 36.15 ग्राम चिट्टे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी थी। फिर 18 मई, 2021 को उसके पास से लगभग 13.400 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की नशा तस्करी में बढ़ती सक्रियता पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गई थी।
हाल के वर्षों में भी आरोपी की नशा तस्करी जारी रही। 28 अक्तूबर, 2023 को उसे करीब 7.49 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया और सबसे ताजा मामले में 22 नवम्बर, 2024 को उसके कब्जे से लगभग 12.94 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। 8 बार गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी की नशा तस्करी में निरंतर संलिप्तता को देखते हुए पुलिस ने इस बार निवारक नजरबंदी का कड़ा कदम उठाया।
क्या कहते हैं एसएसपी शिमला गौरव सिंह
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस निवारक नजरबंदी का उद्देश्य नशा तस्करी के नैटवर्क को कमजोर करना तथा संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस शिमला नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरैंस नीति पर कार्य कर रही है और युवाओं की सुरक्षा तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना, तस्करी के नैटवर्क को तोड़ना तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।