Himachal: कांग्रेस में फिर हावी हुई गुटबाजी, मंडी में प्रदेशाध्यक्ष के सामने मंच पर उलझे पूर्व मंत्री और सीपीएस

Edited By Vijay, Updated: 22 Jan, 2026 07:27 PM

former minister and cps clash in front of congress state president

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी खींचतान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को मंडी जिला कांग्रेस की नवनियुक्त जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी और पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर आपस...

मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी खींचतान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को मंडी जिला कांग्रेस की नवनियुक्त जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी और पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर आपस में उलझ गए। मामला इतना गर्मा गया कि पंडाल में कार्यकर्त्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और अनुशासन की धज्जियां उड़ गईं। मंच पर हुए इस तमाशे को देख रहे नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने खुले मंच से नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विनय कुमार ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसकी शुरूआत मैं स्वयं से करूंगा। अब सिफारिश पर पद नहीं मिलेंगे, बल्कि केवल उन्हीं को पदाधिकारी बनाया जाएगा, जिनकी परफार्मैंस अच्छी होगी। यदि काम ठीक नहीं हुआ, तो जिलाध्यक्षों को भी पद से हटाने में संकोच नहीं किया जाएगा।

विवाद की जड़ बना सोहन लाल का 400 बनाम 40 वाला बयान
हंगामे की शुरूआत पूर्व सी.पी.एस. एवं सुंदरनगर के पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर के संबोधन से हुई। उन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए पिछली जिला कार्यकारिणी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि पूर्व कार्यकारिणी में कहने को तो 400 पदाधिकारी थे, लेकिन जब भी पार्टी के धरना-प्रदर्शन या किसी कार्यक्रम में जुटने की बात आती थी, तो 40 लोग भी इकट्ठा नहीं होते थे। उनका इशारा संगठन में मौजूद निष्क्रिय पदाधिकारियों की ओर था।

प्रकाश चौधरी का पलटवार : 'छेड़ा नी देणा'
सोहन लाल ठाकुर की इस टिप्पणी पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और सोहन लाल को खरी-खरी सुना डाली। चौधरी ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि इस तरह के बयान सार्वजनिक मंच पर देना उचित नहीं है। चूंकि पिछली जिला कार्यकारिणी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी थे, इसलिए उन्होंने इस टिप्पणी को सीधे तौर पर अपने सम्मान से जोड़ लिया। जब उनके संबोधन की बारी आई,तो उन्होंने अपना सारा गुस्सा सोहन लाल ठाकुर पर निकाल दिया। प्रकाश चौधरी ने भरे मंच से प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार के सामने ही सोहन लाल ठाकुर को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि कार्यकारिणी में लोग बड़े नेताओं के कहने पर ही शामिल किए जाते हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अभी विनय कुमार को भी ऐसा ही करना है। उन्होंने हिमाचली बोली में कहा "छेड़ा नी देणा" (छेड़ना नहीं चाहिए)। इस तीखी बहस के बाद पंडाल में मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

सोहन लाल के समर्थन में आए कौल सिंह 
इस विवाद में वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सोहन लाल ठाकुर की बात का समर्थन कर मामले को और तूल दे दिया। कौल सिंह ने स्पष्ट कहा कि सोहन लाल ठाकुर ने जो कहा वह कड़वी सच्चाई है। निष्क्रिय लोगों को पद नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पदाधिकारियों की लिस्टें अक्सर सीधे शिमला से आती हैं, जिनमें ऐसे लोगों के नाम होते हैं, जिन्हें कोई जानता तक नहीं। उन्होंने मांग की कि सिफारिश की यह प्रथा अब बंद होनी चाहिए।

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