Himachal: मंडी में भाजपा पर बरसे CM सुक्खू, बोले-"मुझे 70 हजार करोड़ रुपए मिलते तो आज कर्ज मुक्त होता हिमाचल"

Edited By Vijay, Updated: 06 Mar, 2026 09:52 PM

cm sukhvinder singh sukhu

पिछली भाजपा सरकार को 5 वर्षों में 54,000 करोड़ रुपए आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपए जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले। अगर पूर्व मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन रखा होता तो 30,000 करोड़ रुपए कर्ज कम हो सकता था।

बग्गी/मंडी (बबलू/ख्यालीराम): पिछली भाजपा सरकार को 5 वर्षों में 54,000 करोड़ रुपए आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपए जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले। अगर पूर्व मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन रखा होता तो 30,000 करोड़ रुपए कर्ज कम हो सकता था। वर्तमान सरकार को 17,000 करोड़ रुपए आरडीजी के रूप में मिले और अब अगले वित्त वर्ष से वह भी बंद हो गया है। अगर मुझे इतना पैसा मिला होता तो आज हिमाचल प्रदेश कर्ज मुक्त होता। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को ये बातें जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने पूरे प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपए के भवन बना दिए, जो आज खाली पड़े हैं। पिछली भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए 5,000 करोड़ रुपए की रेवड़ियां बांट दीं। चुनाव से 6 महीने पहले पूरे प्रदेश में अनेक संस्थान खोल दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकार दे दिए जाएं तो हमें किसी से कुछ भी मांगने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मंडी ने भाजपा को 9 सीटें दीं, पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री भी मंडी जिले से थे, लेकिन मेडिकल कॉलेज नेरचौक के हाल भी बदतर थे। उन्होंने कहा कि आज से हमने नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल में यह ऑप्रेशन 5 लाख रुपए में होता है, जबकि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में यह ऑप्रेशन 50,000 रुपए में होगा। नेरचौक में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 12 करोड़ रुपए दिए। 

हिमाचल के अधिकारों के लिए साथ खड़ी नहीं हुई भाजपा 
भाजपा को हिमाचल विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान भाजपा बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करती थी, जबकि पूरी कांग्रेस सरकार प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी थी, लेकिन जब हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज दिलाने का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक नारे लगाते हुए विधानसभा से बाहर चले गए। आरडीजी पर भी राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन वहां भी हिमाचल के अधिकारों के लिए भाजपा साथ खड़ी नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने आपदा में प्रभावित हॉर्टिकल्चर कॉलेज थुनाग को चैलचौक शिफ्ट करने की बात की तो नेता विपक्ष ने नाचन का विरोध किया। उन्होंने कहा  कि जयराम  तब मंडी भूल गए और उन्हें सराज याद आ गया।

ओपीएस बंद नहीं होगी, एरियर भी देंगे
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कभी भी पुरानी पैंशन स्कीम बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट में ओपीएस दी और यह किसी भी राजनीतिक मंशा से नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और किसी भी कीमत पर पुरानी पैंशन को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का हित सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एरियर भी देगी और हर चुनौती का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों की सूची तैयार की जाएगी और जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चिट्टे के कारोबार में संलिप्त कोई भी व्यक्ति नहीं बचेगा, कर्मचारी बर्खास्त होंगे और चिट्टा तस्करों की संपत्ति नेस्तनाबूद कर दी जाएगी।

भाजपा 5 गुटों में बंटी, विधायक विनोद को भी खतरा
सीएम ने कहा कि भाजपा आज 5 गुटों में बंटी है। उन्होंने कहा कि नाचन के विधायक विनोद कुमार को भी भाजपा के बाकी 4 गुटों से खतरा है।

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