शिकारी खुद बना शिकार: मंडी में सर्च ऑपरेशन के दौरान वनकर्मी पर किया खूनी हमला

Edited By Jyoti M, Updated: 02 Feb, 2026 03:04 PM

forest officials were brutally attacked during a search operation in mandi

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में इंसानी बस्तियों की दहलीज तक पहुंचे एक आदमखोर तेंदुए ने वन विभाग को खुली चुनौती दे दी है। सरकाघाट उपमंडल के कलाऊ-अमरोहा इलाके में खौफ का पर्याय बने इस तेंदुए ने अब रक्षक पर ही भक्षक बनकर हमला बोल दिया, जिससे पूरे...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में इंसानी बस्तियों की दहलीज तक पहुंचे एक आदमखोर तेंदुए ने वन विभाग को खुली चुनौती दे दी है। सरकाघाट उपमंडल के कलाऊ-अमरोहा इलाके में खौफ का पर्याय बने इस तेंदुए ने अब रक्षक पर ही भक्षक बनकर हमला बोल दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

झाड़ियों में मौत का इंतजार: 

वाकया सोमवार सुबह का है, जब ग्रामीणों की बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग का दस्ता इलाके को सुरक्षित करने निकला था। बीओ विजय कुमार के नेतृत्व में टीम करीब 11:30 बजे प्रभावित गांव पहुंची। टीम का नेतृत्व कर रहे बहुद्देश्यीय कर्मचारी जोगिंदर सिंह सबसे आगे थे। उन्हें आभास भी नहीं था कि झाड़ियों की ओट में तेंदुआ घात लगाकर बैठा है।

जैसे ही टीम झाड़ियों के करीब पहुंची, तेंदुए ने बिजली की फुर्ती से जोगिंदर सिंह पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए वार से टीम के अन्य सदस्य और ग्रामीण एक पल के लिए सहम गए, लेकिन अगले ही पल उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया।

ग्रामीणों और वनकर्मियों का साहस आया काम

जोगिंदर सिंह तेंदुए के चंगुल में फंस चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग के अन्य कर्मियों और साथ चल रहे ग्रामीणों ने बिना डरे शोर मचाया और लाठियों से जवाबी हमला किया। चारों तरफ से घिरता देख तेंदुआ घायल जोगिंदर को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।

घटना के मुख्य बिंदु:

घायल की स्थिति: तेंदुए के दांत और नाखून जोगिंदर सिंह के चेहरे और पैरों पर गहरे जख्म दे गए हैं। उन्हें तत्काल सरकाघाट के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विभागीय कार्रवाई: डीएफओ सुकेत राकेश कटोच को घटना की रिपोर्ट सौंप दी गई है।

अगला कदम: सोमवार को विभाग एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है ताकि इस आक्रामक जानवर को पकड़ा जा सके।

खौफ बरकरार, गश्त जारी

भले ही तेंदुआ फिलहाल आंखों से ओझल हो गया हो, लेकिन गांव में दहशत कम नहीं हुई है। डीएफओ के निर्देशों के बाद पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता अब तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल के गहरे हिस्से में छोड़ना या उसे पिंजरे में कैद करना है, ताकि ग्रामीण निर्भय होकर रह सकें।

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