दबंग विधायक के बेटे की गुंडागर्दी पर भड़के लोग, तोड़फोड़-पथराव के बाद तनाव

Edited By Updated: 11 Feb, 2017 10:40 AM

fierce people to out on bail of the accused of assaut increased stress

बिलासपुर शहर के डियारा सैक्टर में वीरवार देर रात 3 सब्जी विक्रेताओं पर किए गए हमले के आरोपियों को जमानत मिल जाने के बाद डियारा सैक्टर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

बिलासपुर: बिलासपुर शहर के डियारा सैक्टर में वीरवार देर रात 3 सब्जी विक्रेताओं पर किए गए हमले के आरोपियों को जमानत मिल जाने के बाद डियारा सैक्टर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आरोपी अनिल उर्फ पिंटू के डियारा सैक्टर स्थित उसके क्वार्टर में पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग उसके क्वार्टर के बाहर सैंकड़ों की संख्या में एकत्रित हो गए तथा उसे बाहर निकाल कर किसी दूसरे स्थान पर भेजने की मांग करने लगे। देर रात हुई घटना में गुस्साई भीड़ और पुलिस में गहमागहमी हो गई, जिसके चलते पत्थरबाजी भी हुई। मारपीट के आरोपियों को पुलिस पकड़कर थाने ले गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा था तथा मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने बिना किसी सूचना के डंडे बरसाना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा की गई इस डंडेबाजी का शिकार हुई वीना टंडन ने बताया कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। डियारा सैक्टर पूरी तरह पुलिस छावनी में तबदील हो गया था तथा जिला प्रशासन ने साथ लगते पुलिस थाना बरमाणा से भी पुलिस बल मौके पर बुला लिया था।


गुस्साई भीड़ ने तोड़ी आरोपी की कार 
गुस्साई भीड़ ने आरोपी की कार (नंबर एच.पी.28ए-4868) का बैक शीशा तोड़ दिया तथा दूसरी बिना नंबर की गाड़ी के चारों टायरों की हवा भी निकाल दी। करीब डेढ़ घंटे बाद एस.डी.एम. सदर डा. हरीश गज्जू व डी.एस.पी. सोमदत्त शर्मा मौके पर पहुंचे तथा गुस्साई भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग टस से मस नहीं हुए। लोगों ने पुलिस द्वारा की गई डंडेबाजी पर भी अपना रोष प्रकट किया जिस पर डी.एस.पी. ने लोगों से हाथ जोड़ कर माफी मांगी। एस.डी.एम. सदर ने लोगों को आश्वस्त किया कि आरोपी को शनिवार को यहां से बाहर भेज दिया जाएगा। इस दौरान लोगों की मांग पर आरोपी की 2 कारों की तलाशी भी ली गई। इस तलाशी के दौरान बिना नंबर की गाड़ी से पुलिस को एक खुखरी भी मिली। बहरहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। 


घायल युवकों के परिजनों ने किया प्रदर्शन
इससे पहले वीरवार देर रात 3 सब्जी विक्रेताओं पर किए गए हमले के विरोध में शुक्रवार को सदर भाजपा व इस हमले में घायल हुए युवकों के परिजनों ने नगर परिषद बिलासपुर के पार्षद नरेंद्र पंडित की अगुवाई में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चंपा पार्क के पास अलग-अलग प्रदर्शन कर जिला पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की तथा दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस हमले में घायल हुए युवकों का आरोप है कि पुलिस ने दोषियों के विरुद्ध कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि इस हमले में शामिल रहे स्थानीय विधायक बंबर ठाकुर के बेटे को बचाया जा रहा है। घायल हुए 3 युवाओं ने मौके पर मौजूद थाना सदर प्रभारी भूपेंद्र ठाकुर को एक ज्ञापन भी दिया जिसमें बंबर ठाकुर के बेटे का नाम भी दिया गया है तथा हमलावरों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज करने की मांग की है।


ये है मामला 
बिलासपुर शहर के डियारा सैक्टर में वीरवार देर रात को सब्जी का काम करने वाले 3 युवा एक कार में बैठकर जा रहे थे कि हनुमान मंदिर के पास पहुंचने पर विधायक बंबर ठाकुर के बड़े बेटे ने अपने साथियों सहित कार को रोककर इन पर तेजधार हथियार व डंडों से हमला कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए तथा पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही सिटी चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंचे तथा मामले को संभालने की कोशिश की। गुस्साई भीड़ के गुस्से का शिकार सिटी चौकी प्रभारी को भी बनना पड़ा। इसके बाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि भीड़ व अंधेरे का लाभ उठाते हुए हमलावर मौके से फरार हो गए। इस दौरान बंबर ठाकुर भी मौके पर पहुंचे तथा अपने बेटे को गाड़ी में बैठाकर ले गए। नेता की इस हरकत पर स्थानीय जनता भड़क गई तथा रात को 2 बजे तक लोग सिटी चौकी के पास डटे रहे। मामले के तूल पकडऩे पर हरकत में आई पुलिस ने 6 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया।


मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र : बंबर
सदर विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि यह उनके विरुद्ध राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि जिन 2 गुटों के बीच वीरवार रात को डियारा सैक्टर में झड़प हुई, वे दोनों ही कथित रूप से नशे के सौदागर हैं। पहले ये दोनों गुट इकट्ठे थे और अब अलग-अलग हो गए हैं तथा अब इन दोनों गुटों में वर्चस्व की लड़ाई व नशे के अवैध कारोबार से अधिक पैसा कमाने की होड़ लगी है। इसमें मेरा या मेरे परिवार के किसी सदस्य का नाम घसीटना बेमानी है व घटिया राजनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि 27 सितम्बर, 2015 को उन्होंने बिलासपुर में नशीली दवाइयों को बेचने वालों को पकडऩे के लिए स्वयं नाका लगाया था। तब नशे के कारोबारी तो भागने में सफल हो गए थे लेकिन उनकी गाड़ी पकड़ी गई थी व उससे नशे का काफी सामान बरामद हुआ था। नशे का यह अवैध कारोबार करने वाले तब से ही उनसे खार खाए बैठे हैं व उन्हें अब भाजपा के पूर्व सांसद का भी समर्थन प्राप्त हो गया है।

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