Edited By Jyoti M, Updated: 16 Mar, 2026 12:29 PM

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बदलते मौसम के साथ आई फ्लू ने तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। वर्तमान में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आंखों के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बदलते मौसम के साथ आई फ्लू ने तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। वर्तमान में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आंखों के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 3 से 4 नए मामले सामने आ रहे हैं, जिन्हें उपचार के बाद आवश्यक सावधानियों के साथ घर भेजा जा रहा है।
संक्रमण फैलने के कारण और बचाव
चिकित्सकों के अनुसार, आई फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत जल्दी फैलता है। संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
यह वायरस स्पर्श के माध्यम से फैलता है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति को दूसरों से हाथ न मिलाने की सलाह दी गई है।
अपने तौलिए, रुमाल या चश्मे को किसी के साथ साझा न करें।
प्रमुख लक्षण और सावधानियां
आई फ्लू होने पर आंखों में लालपन, तेज खुजली, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं होती हैं। अक्सर सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपक जाना या आंखों में किरकिरापन महसूस होना इसके मुख्य संकेत हैं। यह संक्रमण वायरल या बैक्टीरियल दोनों प्रकार का हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि आंखों में सूजन या रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है, तो इसे हल्के में न लें। अपनी आंखों को बार-बार न छुएं और हाथों को साबुन से धोते रहें। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई आई ड्रॉप्स का ही उपयोग करें।