Kangra: फोरलेन निर्माण में जुटे कर्मचारी के साथ भयानक हादसा, 33 केवी लाइन की चपेट में आने से माैत

Edited By Vijay, Updated: 02 Nov, 2025 08:43 PM

employee died due to electrocution during construction of fourlane road

कांगड़ा जिले में नगरोटा बगवां के पास चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान 33 केवी की हाई-टैंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई।

नगरोटा बगवां (दुसेजा): कांगड़ा जिले में नगरोटा बगवां के पास चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान 33 केवी की हाई-टैंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। उक्त हादसा दरंग में हुआ। मृतक की पहचान कवाड़ी गांव निवासी अजय कुमार (52) पुत्र पुरुषोत्तम लाल के रूप में हुई है। इस घटना के बाद निर्माण कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार अजय कुमार सड़क लेवलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण (स्टेड) के साथ काम कर रहा था। इसी दौरान उपकरण ऊपर से गुजर रही 33 केवी की बिजली की तार से छू गया, जिससे उसे जोरदार करंट लगा। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत नगरोटा बगवां सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा रैफर किया गया। टांडा पहुंचने पर डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम सोमवार को करवाया जाएगा।

कंपनी पर लगे लापरवाही के आरोप
यह इस प्रोजैक्ट पर सुरक्षा में चूक का पहला मामला नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। ठानपुरी से परौर तक चल रहे इस प्रोजेक्ट में यह तीसरी मौत है। इससे पहले भी दो स्थानीय लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। चिंता की बात यह है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहीं पर पहले भी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया है।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, प्रदर्शन की दी चेतावनी
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में कंपनी के खिलाफ भारी आक्राेश है। ग्राम पंचायत कवाड़ी के प्रधान कुलदीप जोंकी ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पीड़ित परिवार को समय रहते उचित मुआवजा नहीं मिला तो हम कंपनी के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। लोगों ने कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक ने दिया मुआवजे का आश्वासन
वहीं, मामले पर फोरलेन कंपनी में कार्यरत वरिष्ठ प्रबंधक दीपक गोयल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अजय कुमार की मृत्यु ड्यूटी के दौरान करंट लगने से हुई है। हम सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ित परिवार को बीमा कंपनी से लगभग 10 लाख रुपए की राशि शीघ्र मिले। जब तक बीमा राशि का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक अजय कुमार का मासिक वेतन उनकी पत्नी के खाते में जमा होता रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि फोरलेन कार्य में लगे हर कर्मचारी को सेफ्टी किट मुहैया करवाई गई है।

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