Himachal Diwas : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऊना में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, बोले- शिक्षा में तेजी से आगे बढ़ा हिमाचल

Edited By Swati Sharma, Updated: 15 Apr, 2026 03:59 PM

education minister rohit thakur hoisted the national flag in una

Himachal Diwas : हिमाचल दिवस के अवसर पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के मैदान में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय...

Himachal Diwas : हिमाचल दिवस के अवसर पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के मैदान में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली।

हिमाचल दिवस पर दी शुभकामनाएं

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने ऊना जिलावासियों को हिमाचल दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति तथा विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार को नमन करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों एवं महानायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि के रूप में भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

शिक्षा में तेजी से आगे बढ़ा हिमाचल

रोहित ठाकुर ने कहा कि जब हिमाचल अस्तित्व में आया था उस समय यहां साक्षरता दर बहुत कम थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब प्रदेश की साक्षरता दर करीब 99.30 प्रतिशत है और देश में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा में लगातार काम किया जा रहा है। इसके सुखद परिणाम भी प्राप्त होने लगे हैं। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर के एक सर्वे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल पहले के 21वें स्थान से अब 5वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस

ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ और रिक्तियों की भर्ती सुनिश्चित की गई है। लंबे समय से रिक्त पड़े लगभग 90 प्रतिशत स्कूली और महाविद्यालयों प्रधानाचार्यों के पदों को भरा गया है। इसी कड़ी में करीबन 850 प्रधानाचार्यों को पदोन्नत किया गया। वहीं महाविद्यालयों में 500 लेक्चरर, 484 सहायक प्रोफेसर सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही, स्कूलों में जेबीटी और टीजीटी के रिक्त पद भी भरे गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।

विकट परिस्थितियों में भी नहीं थमने दिया विकास का पहिया

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की कमान संभाली, तब पिछली सरकार राज्य पर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण छोड़कर गई थी और आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई थी। इसके साथ ही वर्तमान सरकार को प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। वर्ष 2023 में प्रदेश को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के आधारभूत ढांचे का नुकसान हुआ, जबकि वर्ष 2025 में भी प्राकृतिक आपदाओं से करीब 9 हजार करोड़ रुपये की क्षति हुई। उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी एवं सक्षम नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विकास की रफ्तार को रुकने नहीं दिया। व्यावहारिक और सख्त निर्णय लेकर आय के नए स्रोत विकसित किए गए, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिली।

कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी कर राहत प्रदान की है तथा पुरानी पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऊना जिला प्रदेश का प्रवेश द्वार है और यहां आलू उत्पादन बड़े स्तर पर होता है। किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यहां 20 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो, गेहूं का 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो तथा हल्दी का 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो किया गया है। इसके अतिरिक्त, गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है, ताकि अधिक से अधिक युवा डेयरी व्यवसाय से जुड़ सकें।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

मुख्यातिथि ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आधुनिक मशीनरी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए उसे टूरिज्म कैपिटल के रूप में विकसित करने की नीति बनाई है। साथ ही गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन और रोजगार को नया आयाम मिलेगा।
                                                       


 

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