Edited By Vijay, Updated: 22 Nov, 2025 07:51 PM

अगर कुछ करने का जज्बा हो, तो कोई भी शारीरिक बाधा मंजिल के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। इस कहावत को सच कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की तहसील डाडासीबा के अंतर्गत आती पंचायत त्यामल के गांव सुभाषपुर के रहने वाले दिव्यांग खिलाड़ी सन्नी...
हिमाचल डैस्क: अगर कुछ करने का जज्बा हो, तो कोई भी शारीरिक बाधा मंजिल के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। इस कहावत को सच कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की तहसील डाडासीबा के अंतर्गत आती पंचायत त्यामल के गांव सुभाषपुर के रहने वाले दिव्यांग खिलाड़ी सन्नी कुमार ने। 55 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद सन्नी ने अपने दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सहारे की मोहताज नहीं होती।
टी-20 चैंपियनशिप में दिखाएंगे दम
सन्नी कुमार का चयन हिमाचल प्रदेश की व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में हुआ है। वे अब ओडिशा में होने वाली टी-20 व्हीलचेयर नैशनल चैंपियनशिप में अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। यह प्रतियोगिता 29 नवम्बर 2025 को ओडिशा में आयोजित की जाएगी। सन्नी के इस चयन से न सिर्फ उनके गांव सुभाषपुर (त्यामल) क्षेत्र में, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है। सन्नी की इस कामयाबी से उनके परिवार और गांव वालों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। गांव के लोगों का कहना है कि सन्नी ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है और वे ओडिशा में भी हिमाचल नाम राेशन करेंगे।
मल्टी टैलेंटेड खिलाड़ी हैं सन्नी
सन्नी कुमार सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों में भी प्रदेश का मान बढ़ा चुके हैं। इससे पहले उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स के अंतर्गत शॉट पुट (गोला फैंक) और बैंच प्रैस में गोल्ड और सिल्वर मैडल जीतकर अपनी काबिलियत का परचम लहराया है।
सरकार से अब तक नहीं मिली कोई मदद
बताया जा रहा है कि इतनी उपलब्धियां हासिल करने और प्रदेश का नाम रोशन करने के बावजूद सन्नी कुमार को अब तक सरकार या प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने मांग की है कि सरकार ऐसे होनहार खिलाड़ी की सुध ले, ताकि सन्नी जैसे युवा आगे भी देश का नाम रोशन कर सकें।