Edited By Kuldeep, Updated: 03 May, 2026 11:16 PM

देवभूमि हिमाचल का कांगड़ा जिला वर्ष 2025 में आध्यात्मिक शक्ति और अटूट श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
धर्मशाला (सुनील): देवभूमि हिमाचल का कांगड़ा जिला वर्ष 2025 में आध्यात्मिक शक्ति और अटूट श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। जिले के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठों ज्वालामुखी मंदिर, श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा, चामुंडा देवी मंदिर और मां बगलामुखी मंदिर सहित ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में इस वर्ष श्रद्धालुओं की आमद ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से दिसम्बर 2025 तक इन पांचों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर कुल 40,38,887 देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। प्रशासन द्वारा सुविधाओं में किए गए विस्तार और बेहतर प्रबंधन के चलते साल भर मंदिरों में रौनक बनी रही, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर कांगड़ा की पहचान और भी गहरी हुई है।
श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर (कांगड़ा) अटूट श्रद्धा का केंद्र
कांगड़ा शहर में स्थित माता बज्रेश्वरी देवी के दरबार में भी भक्तों की गहरी आस्था देखने को मिली। वर्ष 2025 के दौरान कुल 7,01,000 श्रद्धालु यहाँ नतमस्तक हुए। मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और भव्य आयोजनों के चलते स्थानीय और बाहरी राज्यों के पर्यटकों की संख्या में निरंतर बढ़ौतरी दर्ज की गई। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर इस साल भी सूची में शीर्ष पर रहा। यहां सबसे अधिक 16,70,000 श्रद्धालुओं ने पावन अखंड ज्योतियों के दर्शन किए। कांगड़ा स्थित मां बज्रेश्वरी देवी मंदिर में वर्ष 2025 के दौरान 7,01,000 श्रद्धालु नतमस्तक हुए। हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक, कांगड़ा जिले के बैजनाथ में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर प्राचीन और भव्य वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में 6,59,587 भक्तों ने जलाभिषेक किया। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के दरबार में इस वर्ष 5,07,000 श्रद्धालु पहुंचे। विशेष अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध मां बगलामुखी के मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 5,01,300 रही।
जिला पर्यटन अधिकारी विनय कुमार धीमान का कहना है कि कांगड़ा के इन शक्तिपीठों का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्त्व है, यही कारण है कि देश-विदेश से श्रद्धालु यहां उतनी ही आस्था के साथ खिंचे चले आते हैं, जैसे चार धाम यात्रा के लिए जाते हैं। जिस तरह से जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है और परिवहन सुविधाओं (बसों आदि) का विस्तार हुआ है, उससे अब विश्वभर से श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना सुगम हुआ है। वर्ष 2025 के आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर इन धार्मिक स्थलों के प्रति आकर्षण और श्रद्धालुओं की संख्या में और भी बड़ी बढ़ौतरी देखने को मिलेगी।