हिमाचल घूमने आया दिल्ली का व्यक्ति निकला मंकी पॉक्स पॉजिटिव

Edited By Vijay, Updated: 24 Jul, 2022 09:53 PM

delhi man who came to visit himachal turns out to be monkey pox positive

हिमाचल में कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, अब मंकी पॉक्स का खौफ पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में एक युवक मंकी पॉक्स पॉजिटिव निकला है जोकि जून माह में हिमाचल घूमने आया था। हिमाचल में किस-किस जगह पर यह युवक घूमकर गया है, इसकी जानकारी...

शिमला (जस्टा): हिमाचल में कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, अब मंकी पॉक्स का खौफ पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में एक युवक मंकी पॉक्स पॉजिटिव निकला है जोकि जून माह में हिमाचल घूमने आया था। हिमाचल में किस-किस जगह पर यह युवक घूमकर गया है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग द्वारा दिल्ली से इसे लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। इस व्यक्ति ने दिल्ली में ही अपना टैस्ट करवाया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी लोगों को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। वैसे बीते दिनों मोहाली चंडीगढ़ में आए एक मंकी पॉक्स मामले को लेकर सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। सरकार की तरफ से प्रदेश के सभी जिलों के चीफ मैडीकल ऑफिसर (सीएमओ) और जिलाधीशों को निर्देश दिए गए हैं कि इसे लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। मंकी पॉक्स के सैंपल जांच के लिए पुणे भेेजे जाते हैं। अभी तक हिमाचल से सैंपल भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। वैसे मंकी पॉक्स जानलेवा नहीं है, लेकिन संक्रमण कोरोना की तरह ही संपर्क में आने से फैलता है। इसका इंफैक्शन कोविड-19 की तरह मुंह और नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स और पस के संपर्क में आने से होता है।  

क्या है मंकी पॉक्स
मंकी पॉक्स एक ऑर्थोपॉक्सवायरस संक्रमण दुर्लभ बीमारी है, जो चेचक या चिकनपॉक्स के समान दिखाई देती है। यह बीमारी सबसे पहले वर्ष 1958 में बंदरों में दिखाई दी थी, जिसके कारण इसे मंकी पॉक्स नाम दिया गया। वर्ष 1970 में एक युवा में सबसे पहले मंकी पॉक्स का मामला सामने आया था। 

मंकी पॉक्स के लक्षण
पूरे शरीर पर गहरे लाल रंग के दाने होना, निमोनिया, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, अत्यधिक थकान, तेज बुखार आना, शरीर में सूजन, एनर्जी में कमी होना, त्वचा पर लाल चकते व समय के साथ लाल चकतेे का घाव का रूप ले लेना आदि इसके लक्षण हैं। 

ऐसे फैलती है मंकी पॉक्स की बीमारी 
मंकी पॉक्स किसी संक्रमित जानवर के काटने से या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ या फिर छूने से हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह चूहों और गिलहरियों जैसे कृन्तकों द्वारा फैलता है। संक्रमित जानवर का मांस खाने से भी इस बीमारी को पकडऩा संभव है, जिसे ठीक से पकाया नहीं गया है, उससे भी यह फैल सकता है। फिलहाल वर्तमान समय तक अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें मंकी पॉक्स किसी जल में रहने वाले जीव से फैला हो या किसी जलधारी जीव में देखा गया हो। अगर मंकी पॉक्स के मनुष्य से मनुष्य में फैलने के बारे में बात की जाए तो यह संक्रमित के संपर्क में आने से फैलता है। 

इन लोगों को मंकी पॉक्स होने का खतरा 
मंकी पॉक्स के मामले आम तौर पर मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में सबसे आम हैं। उन लोगों में जो हाल ही में उन क्षेत्रों की यात्रा करते हैं और जिन लोगों का आयातित जानवरों के साथ संपर्क रहा है, लेकिन हाल ही में अफ्रीका के बाहर उन लोगों में मंकी पॉक्स के मामले सामने आए हैं, जिन्होंने यात्रा नहीं की है। इसलिए इसका खतरा फिलहाल किसे ज्यादा है, इस बारे में कुछ भी सटीक नहीं कहा जा सकता।

लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
एनएचएम के एमडी हेमराज बैरवा ने कहा कि लोगों को अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति दिल्ली में मंकी पॉक्स पॉजिटिव आया है, जो जून माह में हिमाचल आया होगा, लेकिन अभी हमारे पास इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पुख्ता जानकारी जुटाई जा रही है, बाकी कुछ पता चलने के बाद ही बताया जा सकता है। 

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