Edited By Vijay, Updated: 18 Apr, 2026 06:02 PM

शिमला जिले के अंतर्गत ठियोग पुलिस थाना की टीम ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में फॉरवर्ड लिंकेज की कड़ियां जोड़ते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है।
ठियोग (मनीष): शिमला जिले के अंतर्गत ठियोग पुलिस थाना की टीम ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में फॉरवर्ड लिंकेज की कड़ियां जोड़ते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गहन जांच के बाद न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) ठियोग न्यायालय में तैनात एक चपरासी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 12 अप्रैल को थाना ठियोग में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज मामले की तफ्तीश के दौरान अमल में लाई गई है।
जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को जब पुलिस थाना ठियोग की टीम ने नंगलदेवी के समीप एक कार को जांच के लिए रोका तो तलाशी के दौरान पुलिस ने नलेहा निवासी कुलदीप वर्मा उर्फ आशु के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। उस समय पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था और मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान जब आरोपी कुलदीप वर्मा से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि वह बरामद चिट्टा हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी। पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट मिली, जिसमें नशे के कारोबार से जुड़ी स्पष्ट बातचीत थी। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से किए गए भुगतान (ट्रांजैक्शन) ने भी इस अवैध लेन-देन की पुष्टि कर दी।
डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने बीते शुक्रवार को हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया। चूंकि आरोपी न्यायिक परिसर में कार्यरत है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी ने हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 भी जोड़ दी है। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की पुष्टि एसएसपी गौरव सिंह ने की है।
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