Edited By Swati Sharma, Updated: 05 Mar, 2026 05:59 PM

Shimla News: हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टी द्वारा पुराने और दिग्गज चेहरों को दरकिनार कर कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने पर...
Shimla News: हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टी द्वारा पुराने और दिग्गज चेहरों को दरकिनार कर कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा की प्रतिक्रिया सामने आई है। आनंद शर्मा ने अपनी बेबाकी से संकेत दे दिए हैं कि वे पार्टी के इस फैसले से पूरी तरह सहज नहीं हैं।
"सच बोलना कई बार अपराध माना जाता है"
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से आनंद शर्मा के नाम की चर्चा जोरों पर थी। उनके दिल्ली से शिमला आने और कसौली में रुकने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन्हें ही मैदान में उतारेगी। लेकिन कांग्रेस ने 'न्यू फेस' कार्ड खेलते हुए अनुराग शर्मा पर दांव लगाया है, जिनकी जीत विधानसभा के गणित के हिसाब से तय मानी जा रही है। शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आनंद शर्मा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर 'नाराजगी' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों में कड़वाहट साफ दिखी। उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं नाराज हूं, लेकिन राजनीति में आत्मसम्मान बहुत महंगा होता है। आज के दौर में सच बोलना कई बार अपराध मान लिया जाता है।"
'हाईकमान से नहीं करेंगे कोई बात'
जब उनसे टिकट न मिलने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने गेंद पार्टी नेतृत्व के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार जिनके पास है, वही इस फैसले का आधार बता सकते हैं। आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर पार्टी हाईकमान के पास नहीं जाएंगे और न ही इस विषय पर कोई पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें दशकों तक देश और प्रदेश की सेवा का मौका मिला, जो उनके लिए गर्व की बात है।
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