Sirmaur: सीएम सुक्खू ने साधा निशाना, बाेले-'हिमाचल की भाजपा कलयुगी, जो झूठ पर झूठ बोलती है'

Edited By Vijay, Updated: 14 Feb, 2026 06:00 PM

cm sukhvinder singh sukhu

जिला सिरमौर के सराहां में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरडीजी के मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि हम तो जीते हैं, लड़ेंगे और जनता का अधिकार मरने नहीं देंगे....

सराहां/नाहन (आशु): जिला सिरमौर के सराहां में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरडीजी के मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि हम तो जीते हैं, लड़ेंगे और जनता का अधिकार मरने नहीं देंगे, लेकिन आरडीजी पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हिमाचल की यह बीजेपी कलयुगी बीजेपी है, जो झूठ पर झूठ बोलती है। यह सोच रहे हैं कि 2027 में चुनाव होगा और जनता इन्हें पलकों पर बिठाकर लाएगी। प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया और वर्तमान राज्य सरकार भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चल रही है। डॉ. परमार के समय से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्तायोग ने अब तक चली आ रही पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया। राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है। सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है।

हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं की मांग पर सर्वदलीय बैठक का स्थान बदला गया, लेकिन हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई, जबकि अन्य सभी दलों ने राजस्व घाटा अनुदान पर समर्थन दिया। बैठक में जब उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। भाजपा नेताओं को प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती का मुद्दा जनता के समक्ष रखना चाहिए। प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे, यह हिमाचल प्रदेश का हक है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराएं।

मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को 5 वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया। अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां नहीं होती। पूर्व सरकार ने एक हजार करोड़ के भवन सिर्फ मित्रों को खुश करने के लिए बना दिए, जबकि वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है। सीएम ने कहा कि "कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं।"

अग्निवीर योजना हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कानून बदल दिया और पूरी तरह से घर क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता को आठ लाख रुपए कर दिया। हिमाचल के युवा सेना में जाकर देश सेवा करते हैं, लेकिन अग्निवीर योजना लागू कर हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा किया गया है। यही नहीं, केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम ही नहीं बदला बल्कि इस योजना की आत्मा को ही मार दिया, जो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सोच का परिणाम थी।

गरीब और युवाओं का दर्द महसूस करना ही व्यवस्था परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सबसे पहली योजना उन बच्चों के लिए बनाई, जिनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं था। सरकार ने कानून बनाकर 6000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया। अब राज्य सरकार ने विधवा महिलाओं के बच्चों को भी प्रदेश से बाहर शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। गरीब और युवाओं का दर्द महसूस करना ही व्यवस्था परिवर्तन है। बद्दी-नालागढ़ में पूर्व भाजपा सरकार ने 5000 हजार करोड़ रुपए की जमीन कौड़ियों के भाव दे दी। इसके अलावा चुनाव से पहले पूर्व भाजपा सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपए की रेवड़ियां सिर्फ चुनाव जीतने के लिए बांट दीं। उन्होंने कहा कि ओपीएस को बंद करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन सरकार झुकेगी नहीं। इस मौके पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक अजय सोलंकी व रीना कश्यप सहित अन्य कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता व लोग मौजूद रहे।

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