Edited By Vijay, Updated: 09 Jan, 2026 07:36 PM

राज्य सरकार 10.68 करोड़ रुपए से जननी सुरक्षा ड्रॉप बैक की 125 एम्बुलैंस को बदलने जा रही है, जबकि बुजुर्गों की देखभाल व उन्हें बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए एल्डरली एंड पैलिएटिव केयर पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
शिमला (संतोष): राज्य सरकार 10.68 करोड़ रुपए से जननी सुरक्षा ड्रॉप बैक की 125 एम्बुलैंस को बदलने जा रही है, जबकि बुजुर्गों की देखभाल व उन्हें बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए एल्डरली एंड पैलिएटिव केयर पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह बात शुक्रवार को शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कही। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुलभ, स्तरीय और गुणात्मक सेवाएं सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न जन सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
बुजुर्गों को नहीं काटने पड़ेंगे अस्पताल के चक्कर, घर बैठे मिलेगा इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए एल्डरली एंड पैलिएटिव केयर कार्यक्रम के तहत बैडरिडन (शय्याग्रस्त) मरीजों को उनके घर पर जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से टीमें गठित की जाएंगी, जिनमें चिकित्सक, पैरा-मैडीकल सहित अन्य स्टाफ उपलब्ध होगा। इन टीमों को 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों से लिंक किया जाएगा।
टाइप-1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को फ्री मिलेगा इंसुलिन पंप
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क इंसुलिन पम्प उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिस पर लगभग 2.25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नशे के चंगुल में फंसे युवाओं का पुनर्वास सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में पुनर्वास केंद्रों को सशक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में वृहद योजना तथा कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए।