Edited By Kuldeep, Updated: 30 Aug, 2025 06:17 PM

अराध्य देव महादेव के दर्शन न होने का श्रद्धालुओं को मलाल है। चम्बा चौगान में करीब 1 सप्ताह इंतजार के बाद सैंकड़ों श्रद्धालु छड़ी के साथ बिना यात्रा किए वापस लौट गए।
चम्बा (रणवीर): अराध्य देव महादेव के दर्शन न होने का श्रद्धालुओं को मलाल है। चम्बा चौगान में करीब 1 सप्ताह इंतजार के बाद सैंकड़ों श्रद्धालु छड़ी के साथ बिना यात्रा किए वापस लौट गए। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। छड़ी में शामिल 2 महिलाएं अपने बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए कैलाश दर्शन करने परिवार के साथ जा रही थीं लेकिन यात्रा पूरी न होने पर उन्हें काफी निराशा हुई।
पूजा ने बताया कि वह पहली बार मणिमहेश जा रही थीं। परिवार के साथ खुशी-खुशी घर से निकली थीं, लेकिन बिना कैलाश दर्शन के ही वापस जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ उनके अराध्य हैं, लेकिन शायद उन्हें यही मंजूर था। छड़ी में शामिल अन्य श्रद्धालुओं ने उन्हें भोलेनाथ पर श्रद्धा रखने की बात कही जिसके बाद छड़ी के साथ वह घरों की तरफ रवाना हुए। शिव गुरों ने कहा कि भले ही उनकी यात्रा सफल न हुई हो, लेकिन सभी पर भोलेनाथ का आशीर्वाद है। जो भी मनोकामना लेकर वह मणिमहेश जा रहे थे वह पूरी होगी।
बिना श्रद्धा के मणिमहेश जाने वालों के कारण आई आपदा : डोगरा
मणिमहेश डोडा-कठुआ छड़ी के संगठन सचिव सतीश डोगरा ने बताया कि वह श्रद्धाभाव से करीब 25 वर्षों से लगातार आ रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि यात्रा पूरी नहीं हुई है। बिना श्रद्धा के मणिमहेश भाव के बतौर पिकनिक के तौर पर मणिमहेश जाने वाले लोगों के कारण ही ऐसी आपदा आई है। इसका खमियाजा शिव भक्तों को भुगतना पड़ा है। अगर भोलेनाथ का इस बार ऐसा ही आदेश था तो उन्हें वह मंजूर है। अगली बार फिर वह कैलाश दर्शन के लिए आएंगे और भाेलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।