Edited By Jyoti M, Updated: 23 Mar, 2026 12:12 PM

कहते हैं कि पहाड़ों की सुंदरता जितनी लुभावनी होती है, उनकी खामोश ढलानें उतनी ही खतरनाक। आधी रात हरियाणा के दो दोस्तों के लिए कुछ ऐसा ही मंजर लेकर आई। जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तब कटौला-बजौरा मार्ग पर स्थित 'संदोआ राकस नाला' के पास एक कार...
मंडी: कहते हैं कि पहाड़ों की सुंदरता जितनी लुभावनी होती है, उनकी खामोश ढलानें उतनी ही खतरनाक। आधी रात हरियाणा के दो दोस्तों के लिए कुछ ऐसा ही मंजर लेकर आई। जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तब कटौला-बजौरा मार्ग पर स्थित 'संदोआ राकस नाला' के पास एक कार अनियंत्रित होकर चीखती हुई गहरी खाई में जा समाई।
आधी रात का वो भयावह मंजर
सोनीपत और अंबाला से मनाली की सैर पर निकले देवाशीष बंसल और अमन कुमार मंडल को अंदाजा भी नहीं था कि सफर का यह मोड़ इतना घातक होगा। रात के करीब 12 बजे, जब उनकी कार एक अत्यंत संकरे और तीखे मोड़ पर पहुँची, तो चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते गाड़ी सड़क छोड़कर अंधेरी खाई की गहराइयों में उतर गई।
हादसे की गूँज सुनते ही आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। पुलिस को सूचित करने के साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही कटौला चौकी से कांस्टेबल कुलदीप सिंह की टीम मौके पर पहुँची। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और 108 एंबुलेंस के जरिए तुरंत कटौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।
घायलों की स्थिति और प्रशासन की मुस्तैदी
घायलों की पहचान देवाशीष बंसल पुत्र तिलक राज बंसल, निवासी सोनीपत (हरियाणा) और अमन कुमार मंडल पुत्र राम बाबू मंडल, निवासी अंबाला (हरियाणा) के रुप में हुई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जोनल अस्पताल मंडी रेफर कर दिया गया। नांडली पुलिस चौकी के प्रभारी गजेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि फिलहाल दोनों युवकों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या अंधेरे में रास्ता न भांप पाने के कारण।