Edited By Vijay, Updated: 24 Feb, 2026 11:38 AM

ब्रिटिश शासनकाल में भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिमला का आकर्षण आज भी सात समंदर पार के लोगों के लिए कम नहीं हुआ है। सोमवार को इंगलैंड से आए एक दंपति ने अपने पूर्वजों की जड़ों को तलाशने के लिए नगर निगम शिमला के कार्यालय का रुख किया।
शिमला (वंदना): ब्रिटिश शासनकाल में भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिमला का आकर्षण आज भी सात समंदर पार के लोगों के लिए कम नहीं हुआ है। सोमवार को इंगलैंड से आए एक दंपति ने अपने पूर्वजों की जड़ों को तलाशने के लिए नगर निगम शिमला के कार्यालय का रुख किया। दंपति अपनी दादी का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने की उम्मीद लेकर यहां पहुंचे थे।
इंगलैंड निवासी टैली ब्लेसवेथ ने अपनी दादी एलेसबर्थ ह्यूज के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम में औपचारिक आवेदन किया। इसके बाद निगम प्रशासन ने रिकॉर्ड की तलाश शुरू की। अधिकारियों ने सबसे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा खंगाला, लेकिन वहां कोई जानकारी नहीं मिली। इसके पश्चात बरसों पुराने हस्तलिखित रजिस्टरों और ऑफलाइन अभिलेखों की भी बारीकी से जांच की गई।
काफी मशक्कत के बाद भी नगर निगम के रिकॉर्ड में एलेसबर्थ ह्यूज का कोई उल्लेख नहीं मिल सका। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध समस्त पुराने रिकॉर्ड को पूरी गहनता से खंगालने के निर्देश दिए थे, ताकि विदेशी मेहमानों की मदद की जा सके, लेकिन फिलहाल कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है।
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