Himachal: एंट्री टैक्स बढ़ाने और फास्टैग वसूली पर BJP नेता का तीखा हमला, कहा-'अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही सरकार'

Edited By Vijay, Updated: 20 Feb, 2026 04:28 PM

bjp state media coordinator karan nanda

भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने प्रदेश सरकार की तरफ से 1 अप्रैल, 2026 से लागू किए जा रहे नए प्रवेश शुल्क एवं फास्टैग आधारित वसूली तंत्र को पर्यटन विरोधी व महंगाई बढ़ाने वाली नीति करार दिया है।

शिमला (ब्यूरो): भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने प्रदेश सरकार की तरफ से 1 अप्रैल, 2026 से लागू किए जा रहे नए प्रवेश शुल्क एवं फास्टैग आधारित वसूली तंत्र को पर्यटन विरोधी व महंगाई बढ़ाने वाली नीति करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आत्मनिर्भर हिमाचल के नारे की आड़ में जनता की जेब काटी जा रही है। कर्ण नंदा ने शिमला से जारी बयान में कहा कि दूसरे राज्यों के निजी वाहनों के प्रवेश शुल्क को 70 से बढ़ाकर 130 रुपए करना और छोटे मालवाहक वाहनों पर 170 रुपए तक शुल्क लगाना जनता पर आर्थिक बोझ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अपने मालवाहक वाहनों को भी अब छूट समाप्त कर शुल्क के दायरे में लाना स्थानीय व्यापार और परिवहन क्षेत्र के लिए घातक है। बड़े मालवाहक वाहनों, निर्माण मशीनरी, मिनी बसों और व्यावसायिक वाहनों पर शुल्क में भारी वृद्धि से वस्तुओं की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर महंगाई के रूप में आम जनता को झेलना पड़ेगा। 

कर्ण नंदा ने कहा कि सरकार ऊंट के मुंह में जीरा जैसे विकास कार्य दिखाकर जनता से भारी वसूली कर रही है। पर्यटन आधारित प्रदेश में प्रवेश शुल्क बढ़ाना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के समान है। उन्होंने कहा कि 55 टोल बैरियरों से 185 करोड़ रुपए राजस्व लक्ष्य तय करना दर्शाता है कि सरकार का उद्देश्य सुविधा देने की बजाय अधिकतम वसूली करना है। उन्होंने कहा कि यदि इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो इसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन आगमन और रोजगार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की आवाज उठाती रहेगी और प्रदेश की जनता आने वाले समय में इस जनविरोधी निर्णय का जवाब देगी।

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