Edited By Jyoti M, Updated: 27 Jan, 2026 01:38 PM

बिलासपुर में किरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब हाईवे की शांति के पीछे छिपा एक काला कारोबार उजागर हुआ। मूक पशुओं को अवैध रूप से ले जा रहे दो बड़े ट्रकों को सतर्क कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी कर धर दबोचा।
हिमाचल डेस्क। बिलासपुर में किरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब हाईवे की शांति के पीछे छिपा एक काला कारोबार उजागर हुआ। मूक पशुओं को अवैध रूप से ले जा रहे दो बड़े ट्रकों को सतर्क कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी कर धर दबोचा। यह पूरी घटना रात के सन्नाटे में हुई, जहाँ गौवंश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा ऑपरेशन सफल रहा।
हाईवे पर घेराबंदी: भागने की कोशिश नाकाम
सूत्रों के मुताबिक, बजरंग दल और गौ रक्षा दल की टीम को इस गुप्त तस्करी की भनक पहले ही लग गई थी। योजनाबद्ध तरीके से नाका लगाकर जब दो संदिग्ध ट्रकों को रोका गया, तो उसमें भारी संख्या में गौवंश ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ पाया गया।
हिरासत: पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। लेकिन अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर दो अन्य व्यक्ति जंगलों की ओर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस की भूमिका: सूचना मिलते ही पुलिस बल ने कमान संभाली और दोनों वाहनों को सील कर अपने नियंत्रण में ले लिया।
प्रशासन से कठोर संदेश की मांग
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और हाईवे पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके पर मौजूद गोरक्षकों ने गहरा रोष प्रकट करते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए ताकि भविष्य में बेजुबान जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता न हो।
जांच का दायरा
स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन ट्रकों का स्रोत क्या था और ये पशु कहाँ ले जाए जा रहे थे। अधिकारियों का आश्वासन है कि कानून की सख्त धाराओं के तहत दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।