Edited By Vijay, Updated: 06 Mar, 2026 05:40 PM

बिलासपुर जिले में वन माफिया के हौसले दिन-प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं। जिले में अवैध कटान और लकड़ी तस्करी के बढ़ते मामलों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
बिलासपुर (बंशीधर): बिलासपुर जिले में वन माफिया के हौसले दिन-प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं। जिले में अवैध कटान और लकड़ी तस्करी के बढ़ते मामलों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जंगल भराथू के बाद अब खैर माफिया ने ग्वालथाई क्षेत्र में भी अपनी दस्तक देते हुए बड़ी संख्या में खैर के पेड़ों पर कटर चला दिया है। इन घटनाओं से प्रतीत होता है कि जिले में वन माफिया पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है।
वन रक्षक ग्वालथाई अजय कुमार ने पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई है कि 2 मार्च को गश्त के दौरान यूपीएफ ग्वालथाई के तहत नैला और धार पंजीगल जंगल में खैर के 32 पेड़ कटे हुए पाए गए। इनमें कुछ सूखे और कुछ हरे पेड़ शामिल थे। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिस स्थान पर ये पेड़ काटे गए हैं, वहां आसपास रोड जामन के एक व्यक्ति को कई बार संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा गया था। विभाग ने इसी आधार पर उस व्यक्ति पर अवैध कटान का संदेह जताया है। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
माफिया की सक्रियता का क्राइम ग्राफ
जिले में अवैध कटान का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों के आंकड़े बताते हैं कि तस्कर कितने सक्रिय है। 26 फरवरी को जंगल भराथू में काटे गए खैर के 50 लॉग एक जीप से मंडी-भराड़ी में बरामद किए गए। 11 फरवरी को निजी भूमि से सफेद चंदन के 11 बेशकीमती पेड़ काटे गए। 1 फरवरी को वन विभाग की टीम ने मंडी-भराड़ी में जड़ी-बूटी और बालन (ईंधन की लकड़ी) के 11 ट्रक पकड़े। 26 जनवरी को वन खंड स्वारघाट ने अवैध लकड़ी ले जाते हुए 12 ट्रक जब्त किए। 10 जनवरी को यूपीएफ जंगल जामली में तस्कर ने खैर के 11 पेड़ काटे, जिनके 55 लॉग आरोपी के घर से बरामद हुए। बीते वर्ष 6 नवम्बर को भराथू में 15 पेड़ और 2 नवम्बर को चलैला के पास पिकअप जीप से 33 खैर के लॉग बरामद किए गए थे।
क्या कहते हैं डीएफओ बिलासपुर
डीएफओ बिलासपुर राजीव कुमार ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में खैर कटान का अधिकृत काम चल रहा है। इसकी आड़ में कुछ जगहों पर ठेकेदार अवैध कटान कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है और काटे गए पेड़ों की डैमेज रिपोर्ट बनाकर पैसा वसूला जा रहा है। डीएफओ ने बताया कि विभाग जगह-जगह नाके लगाकर तस्करों पर शिकंजा कस रहा है। खैर कटान के मामलों की पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई जा चुकी है और विभाग जंगलों की निरंतर निगरानी कर रहा है।
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