Edited By Kuldeep, Updated: 05 Jan, 2026 05:15 PM

सुलह विधानसभा क्षेत्र में चल रहे जनसम्पर्क अभियान के दौरान तप्पा, मलाहू और मालघ में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश एक ऐसी सरकार के हाथों में फंसा है, जो न तो शासन चला पा रही है और न ही जनता की पीड़ा समझ...
भवारना: सुलह विधानसभा क्षेत्र में चल रहे जनसम्पर्क अभियान के दौरान तप्पा, मलाहू और मालघ में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश एक ऐसी सरकार के हाथों में फंसा है, जो न तो शासन चला पा रही है और न ही जनता की पीड़ा समझ पा रही है। सुलह विधानसभा क्षेत्र से लेकर पूरे प्रदेश तक विकास की गति पूरी तरह थम चुकी है और आमजन कांग्रेस सरकार की विफलताओं की कीमत चुका रहा है। परमार ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी विस्फोटक स्तर पर पहुंच चुकी है, लेकिन सरकार युवाओं को केवल झूठे आश्वासन और खोखले वायदे दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की आर्थिक रीढ़ इस कदर तोड़ दी है कि सरकारी ट्रेजरी तक बंद करनी पड़ी। यह कोई साधारण प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार की घोर अक्षमता और वित्तीय दिवालियापन का खुला प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार प्रदेश को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं पर करारा वार करते हुए सुलह के विधायक ने कहा कि सुलह विधानसभा क्षेत्र में भवारना हॉस्पिटल का 25 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा अत्याधुनिक भवन आज भी अधूरा खड़ा है। इसके साथ ही थुरल हॉस्पिटल भवन भी वर्षों से धूल फांक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने भाजपा सरकार के समय शुरू की गई स्वास्थ्य परियोजनाओं को जानबूझकर रोक दिया, जिससे जनता को बेहतर इलाज से वंचित किया जा रहा है। सड़कें अधूरी हैं, भवन अधूरे हैं, योजनाएं ठप हैं और जनता बेहाल है। यही कांग्रेस सरकार की पहचान बन चुकी है। परमार ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, नर्सें नहीं, दवाइयां नहीं और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। आम आदमी इलाज के लिए निजी अस्पतालों में लुटने को मजबूर है।
जनता की आवाज दबने नहीं देंगे
भाजपा विधायक विपिन परमार ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में जनता के सब्र का बांध टूट चुका है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों को तुरंत नहीं बदला, तो भारतीय जनता पार्टी सुलह से लेकर शिमला तक सड़क से सदन तक संघर्ष को और तेज करेगी। भाजपा जनता की आवाज को दबने नहीं देगी